-विद्यार्थियों को देश की विविध संस्कृति को समझने और अलग-अलग राज्यों के लोगों से जुड़ने का मिलेगा अवसर
-कुलपति ने कहा भाषाएं और अभिव्यक्ति अलग हो सकती हैं, लेकिन देश और उसके लोग एक हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत 'युवा संगम' कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों का एक दल मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) पहुंचा। इस चरण का उद्घाटन समारोह डीयू के ऐतिहासिक वाइस रीगल लॉज में आयोजित किया गया। समारोह के दौरान कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने तमिलनाडु से आए शिक्षकों व विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी दूसरे देश या अलग दुनिया में नहीं, बल्कि भारत के ही एक खूबसूरत हिस्से से दूसरे हिस्से में आए हैं। यहां उन्हें देश की विविध संस्कृति को करीब से समझने और अलग-अलग राज्यों के लोगों से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि चाहे दिल्ली हो, बिहार, उत्तर प्रदेश हो या गुजरात-देश के किसी भी हिस्से में चले जाएं, भाषाएं और अभिव्यक्ति का तरीका भले ही अलग हो, लेकिन पूरा देश और इसके लोग एक ही हैं। यही भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती है। उन्होंने युवाओं को देश से प्रेम करने, उसकी विविधता को आत्मसात करने और इसके विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कुलपति ने कहा कि हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने देश को गहराई से जाने और हर संभव तरीके से इसे आगे बढ़ाए। इस अवसर पर डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी, नॉन-कॉलेजिएट वुमेंस एजुकेशन बोर्ड की निदेशक प्रो. गीता भट्ट, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रंजन त्रिपाठी, डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार सहित विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।