इन लोगों ने कई लोगों से मोबाइल लूटने का प्रयास भी किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल करने पर पुलिस को एक बाइक का आधा अधूरा नंबर मिला। उसके आधार पर पुलिस ने करीब 850 बाइक के नंबरों की पड़ताल की। इसके बाद 50 नंबरों को शार्ट लिस्ट किया गया। इसके बाद सबसे पहले पुलिस ने 17 मार्च को सौरभ को दबोचा। इसके बाद एक-एक कर बाकी सात आरोपियों को वजीरपुर इलाके से दबोच लिया गया। इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि सौरभ का जन्मदिन था। इन लोगों के पास पार्टी के पैसे नहीं थे। इसलिए इन लाेगों ने लूटपाट करने की योजना बनाई। लूटे गए सामान की रकम से पार्टी करने का प्लान था।
पुलिस रेड से पहले दे देते थे सूचना, 30 सटोरिये गिरफ्तार
संगम विहार स्थित एक मकान में बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवाया जा रहा था। पुलिस की रेड से बचने के लिए आरोपी वायरलेस का इस्तेमाल कर रहे थे। बृहस्पतिवार आधी रात को पुलिस ने अड्डे पर छापामारी कर तीस आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से 21700 रुपये, 780 ताश के पत्ते, दो वायरलेस सेट व अन्य सामान बरामद हुआ। मकान में एंट्री फीस लेकर प्रवेश दिया जा रहा था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। दक्षिण जिला की पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को स्पेशल स्टाफ में तैनात सिपाही अशोक को खबर मिली कि गली नंबर-20, संगम विहार के एक मकान में सट्टा खिलवाया जा रहा है।
फौरन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना देकर एक टीम का गठन किया गया। टीम ने एल-फस्ट मकान नंबर पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया। यह लोग ताश के पत्तों से सट्टा लगा रहे थे। पुलिस को देखते ही वहां भगदड़ मच गई। टीम ने एक-एक कर सभी को दबोचा। आरोपी रजनीश ने बताया कि अड्डे पर जानकार लोगों को ही एंट्री दी जाती थी। उसके एक लिए एंट्री फीस चुकाना होती थी। एक लड़का गेट के बाहर वायरलेस सेट लेकर खड़ा होता था। दूसरा लड़का अंदर मौजूद रहता था। पुलिस की रेड से पहले नीचे वाला लड़का खबर दे देता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।