प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर आपत्ति जताई है। ईडी ने कहा कि आबकारी नीति का एकमात्र मकसद निरंतर अवैध लाभ अर्जित करना था।
जांच एजेंसी की और से विशेष वकील ज़ोहेब हुसैन ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के दलील देते हुए कहा कि आबकारी नीति न केवल उस अवधि के लिए है, जिसके लिए इसे लागू किया गया है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है।
जांच एजेंसी की ओर से शुरू की गई जांच के कारण पॉलिसी वापस ले ली गई थी। हुसैन ने तर्क दिया कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट से विचलन का कोई कारण नहीं है जिसमें कहा गया था कि थोक व्यापार सरकार को दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा जिस दिन दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कथित घोटाले के बारे में सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई, उसी दिन सिसोदिया ने अपना मोबाइल फोन बदल लिया। उन्होंने कहा इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार सिसोदिया हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमे में देरी करने के लिए सिसोदिया की ओर से जानबूझकर रणनीति बनाई गई थी।