डीडीए के अनुसार उपराज्यपाल के निर्देश के बाद यमुना नदी पर रिवरफ्रंट बनाने के लिए पूर्वी दिल्ली में रिंग रोड और एनएच 24 की क्रॉसिंग के पास एक स्थान को चुना गया है और उसकी योजना बनानी शुरू कर रखी है। इस योजना को पूरा करने चार साल लक्ष्य रखा गया है, मगर हाल ही में बाढ़ आने के बाद उपराज्यपाल की इस योजना पर ब्रेक लग सकता है, क्योंकि इस योजना के बारे में सोचने के दौरान किसी को यमुना नदी में इस तरह की बाढ़ आने के कयास नहीं थे।
राजधानी में वर्ष 1978 के बाद दिल्ली में बाढ़ नहीं आई थी। डीडीए के अनुसार यह रिवरफ्रंट बनाने के पीछे यमुना नदी को आकर्षक बनाने की मंशा है। इसके अलावा यमुना नदी के प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने, लोगों को यमुना नदी और प्रकृति से जोड़ने, यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने और वन्यजीवों को सहारा देने वाले पौधों की विविध प्रजातिया लगाने की भी योजना है।
इससे पहले शीला सरकार के समय भी यमुना नदी के किनारे को विश्वस्तरीय रूप से विकसित करने का निर्णय हुआ था और उसने यमुना रिवर फ्रंट को विकसित करने की योजना बनाई थी। इस योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई थी। यमुना नदी पर बनाया गया सिग्नेचर ब्रिज भी उसी योजना का हिस्सा था, लेकिन रिवर फ्रंट बनाने की योजना खटाई में पड़ी गई थी। हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था। उसने वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र इस योजना को शामिल किया था। इसके बाद आप ने सरकार बनाने के बाद इस योजना के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, मगर इस योजना पर कार्य शुरू नहीं हो पाया। दरअसल इस योजना के संबंध में कई संबंधित विभागों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिल सका था।
यमुना में बाढ़ आने से डीडीए की कई योजनाओं पर पानी फिरा
डीडीए कई वर्षों से यमुना नदी को आकर्षक बनाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य कर रहा है, वहीं वीके सक्सेना के उपराज्यपाल बनने के बाद उसने कई नई योजनाओं पर कार्य शुरू किया, मगर हाल ही में यमुना नदी में बाढ़ आने के कारण उसकी ये भी योजना पानी में डूब गई। खासकर विभिन्न प्रजाति के पौधों के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा विभिन्न पार्क भी बर्बाद होने का अनुमान है। इस संबंध में यमुना नदी का पानी उतरने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी। वर्तमान में डीडीए यमुना वाटिका, यमुना वनस्थली, घाट एरिया, मयूर नेचर पार्क, इको टूरिज्म एरिया, हिंडन सरोवर, असिता ईस्ट, कालिंदी अविरल, कालिंदी बायोडायवर्सिटी पार्क, अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क आदि योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके अलावा उपराज्यपाल ने इस साल यमुना नदी से जुडी योजनाओं के लिए डीडीए के बजट में करीब चार सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।