दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के स्नातक में जारी दाखिला प्रक्रिया में पुराने पाठ्यक्रम नए पर भारी पड़ रहे हैं। दरअसल, पुराने कोर्स में अब तक हजारों में दाखिले हो गए हैं जबकि नए कोर्सेज में 600-700 दाखिले ही हुए हैं। दाखिला रेस में बीए प्रोग्राम राजनीति विज्ञान, बीकॉम पास व पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स सबसे आगे है। यह प्रोग्राम दाखिले के लिए विद्यार्थियों की पहली पसंद बन रहे हैं।
बाजार की जरूरत के हिसाब से बीते साल शुरू किए गए साइकोलॉजी व कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स में दाखिले की रफ्तार अभी धीमी है। डीयू में बीते 28 मई से दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई है। इस प्रक्रिया के तहत अब तक 24,089 पंजीकरण हो चुके हैं। अब तक सबसे अधिक दाखिले 3453 बीए प्रोग्राम राजनीति विज्ञान में हुए हैं, जबकि बीकॉम पास 3149 दाखिले के साथ दूसरे नंबर पर है। राजनीति विज्ञान ऑनर्स में 2784 व बीकॉम ऑनर्स में 2354 दाखिले हो चुके हैं। बीते साल स्नातक स्तर पर बीए प्रोग्राम साइकोलॉजी व कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स को शुरु किया गया था। इनमें साइकोलॉजी में 700 और कंप्यूटर एप्लिकेशन में 600 दाखिले हुए हैं।
एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि पुराने कोर्स पहले से चल रहे हैं और उन्हें छात्र हाथों हाथ लेते हैं। खासकर यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों की पसंद राजनीति विज्ञान हैं। वहीं, जिन्हें सीए करना होता है वह बीकॉम लेकर पढ़ाई करते हैं।
इनके लिए बारहवीं में पास होना जरूरी है और सीटों की संख्या भी असीमित है। जबकि बीए प्रोग्राम कंप्यूटर एप्लिकेशन के लिए योग्यता अलग है और दाखिले मेरिट के आधार पर होंगे। कंप्यूटर एप्लिकेशन के लिए छात्र का बारहवीं में पास होना व गणित या कंप्यूटर साइंस विषय में 50 फीसदी अंक होना जरूरी है।
इसके आधार पर ही कटऑफ निकाली जाएगी। साइकोलॉजी में सीटों की संख्या दो हजार व कंप्यूटर एप्लिकेशन में सीटों की संख्या तीन हजार है। मेरिट से दाखिले होने के कारण छात्र के मन में यह संशय रहता है कि दाखिला होगा या नहीं।