- अंतिम तिथि तक प्रवेश रद्द करने पर 100% फीस वापसी, 30 दिन बाद नहीं मिलेगा रिफंड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फीस रिफंड नीति जारी कर दी है। यह नीति विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों, विभागों, केंद्रों, एनसीवेब और एसओएल पर लागू होगी। वर्तमान में स्नातकोत्तर दाखिले की प्रक्रिया जारी है, जबकि स्नातक प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। नई नीति के अनुसार, यदि कोई छात्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अंतिम प्रवेश तिथि तक अपना दाखिला वापस लेता है, तो प्रोसेसिंग शुल्क काटकर 100 प्रतिशत फीस लौटा दी जाएगी। वहीं, अंतिम तिथि के 30 दिनों के भीतर प्रवेश निरस्त कराने पर छात्रों को 50 प्रतिशत शुल्क वापसी मिलेगी। 30 दिन बाद दाखिला छोड़ने पर किसी प्रकार का रिफंड नहीं दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या तथ्य छिपाने के कारण प्रवेश रद्द होने पर फीस वापस नहीं होगी। हालांकि, छात्र के निधन की स्थिति में परीक्षा शुल्क सहित पूरी फीस अभिभावकों को लौटाई जाएगी। पीएचडी छात्रों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, पढ़ाई बीच में छोड़ने के बाद दोबारा प्रवेश लेने वाले छात्रों को उस समय लागू फीस के अनुसार भुगतान करना होगा।