नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ सेंटर-2 में प्रोफेसर के साथ पीएचडी शोधार्थी द्वारा कथित मारपीट की घटना पर एनएसयूआई ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने घटना की निंदा करते हुए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई का कहना है कि डीयू शिक्षा, बहस और लोकतांत्रिक असहमति का केंद्र है, हिंसा और गुंडागर्दी का नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद और सम्मान का माहौल बनाए रखना चाहिए। एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी रवि पांडे ने कहा कि पहले भी विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधियों पर प्रोफेसरों से कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसी घटनाएं डीयू की शैक्षणिक गरिमा पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि आगामी डूसू चुनाव डर और दबाव की राजनीति बनाम संवाद, गरिमा और लोकतंत्र की राजनीति के बीच होगा। छात्र गुंडागर्दी की राजनीति को नकारेंगे और मोहब्बत की दुकान को चुनेंगे। संवाद