नई दिल्ली। डीयू के पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) में वंदे मातरम् : भारत का गौरव थीम पर नाट्य उत्सव उमंग 2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव में नुक्कड़ नाटक, रंगमंचीय नाटक, विज्ञापन अभिनय, एकल अभिनय प्रतियोगिता सहित कई जीवंत प्रस्तुतियां आयोजित की गई। इसमें विभिन्न कॉलेज के युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रधानाचार्य प्रोफेसर आरके गुप्ता ने कहा कि नाटक एक साधना है यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। फिल्म का जन्म भी नाटक से हुआ है। नाटक एक प्रभावशाली विधा है तकनीक से जुड़कर नाटक ही फिल्म के रूप में परिवर्तित हो गया। समाज को संदेश देने का कार्य नाटक से होता है। नाट्य मण्डल समिति द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में डीयू और उससे बाहर के 30 से अधिक कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया। मंडल की संयोजिका प्रोफेसर आशा रानी ने कहा नाटक एक जीवन्त विधा है। समाज में व्याप्त विसंगति को नाटक के माध्यम से दूर किया जा सकता है। ब्यूरो