हरौला गांव में 1 फरवरी की रात दहेज हत्या मामले में आरोपी महिला के भाई को केस वापस लेने के लिए धमका रहे हैं। उसने डीजीपी, आईजी व डीआईजी को पत्र लिखकर इस बात से अवगत कराया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस ने अब तक सिर्फ उसके जीजा को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
जानकारी के मुताबिक हरौला गांव के रोहित अवाना की शादी 16 फरवरी 2012 को घड़ौली, दिल्ली निवासी मनीषा से हुई थी। मनीषा के भाई सागर चौधरी ने पुलिस को बताया कि शादी के वक्त बहन के ससुराल वालों को बीएमडब्ल्यू कार, 11 लाख रुपये व 50 तोला सोना सहित काफी सामान दिया था।
इसके बावजूद रोहित व उसके परिजन मनीषा पर और दहेज लाने का दबाव डालते थे। दबाव बढ़ने पर मनीषा के परिजन ने रोहित के परिवार को एक लाख रुपये और दिए थे। सागर के अनुसार 1 फरवरी की रात रोहित के घर से उसे गांव आने के लिए फोन किया गया।
वह जब हरौला पहुंचा तो गर्भवती मनीषा बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके गले पर चोट का निशान था। इस मामले में सागर ने बहन के पति रोहित अवाना, ससुर चरण सिंह अवाना, सास शीला और देवर ललित के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।