उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित प्रताप नगर में शुक्रवार रात दो दोस्तों सुधीर उर्फ बंटी (35) और राधे प्रजापति (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइकों पर आए आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची यूपी पुलिस दिल्ली का इलाका बताकर अपना पल्ला झगड़ने लगी। वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारी एरिया लोनी का बता रहे थे। करीब दो घंटे तक सीमा विवाद चलता रहा। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के दखल के बाद हर्ष विहार, दिल्ली में मामला दर्ज कर लिया गया। शुरुआती जांच के बाद हत्याकांड में लोनी के दो सगे भाइयों व उनके साथियों के नाम सामने आ रहे हैं। दरअसल 27 अगस्त का दोनों दोस्तों का आरोपियों से किसी बात पर विवाद हो गया था। कुछ लोगों का कहना है कि पार्किंग को लेकर कहासुनी के बाद दोनों ओर से गाली-गलौज हो गई थी। तीन दिन पहले इस संबंध में लोनी शनि बाजार में दोबारा इनका झगड़ा हुआ मारपीट के बाद दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज कर लिया गया। राधे व बंटी के भाई कुलदीप को जमानत पर रिहा कर दिया गया जबकि बंटी जेल चला गया। बृहस्पतिवार को वह जमानत पर बाहर आया और शुक्रवार को बंटी व राधे की हत्या कर दी गई। जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया, प्रताप नगर निवासी कि सुधीर उर्फ बंटी के परिवार में मां शकुंतला देवी, तीन भाई कुलदीप, विजय और अजय व एक बहन हैं। चारों भाइयों का ई-रिक्शा पार्किंग के अलावा शटरिंग का काम है। वहीं राधे के परिवार में कोई नहीं है वह बंटी के साथ ही रहता था। शु्क्रवार रात को वह राधे, कुलदीप के साथ पार्किंग में मौजूद था। सीसीटीवी के आधार पर हुई आरोपियों की पहचान पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि शाम करीब सवा सात बजे उनकी टीम को सी-ब्लॉक प्रताप नगर की पार्किंग में दो युवकों को गोली मारने की सूचना मिली थी। टीम को वहां से कई खोखे मिले। सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर वारदात कैमरे में कैद मिली। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। दो युवकों को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जा रही है। दो भाइयों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। आरोपियों के पकड़े जाने पर इसका खुलासा हो पाएगा। हत्या के आरोप में जेल में बंद रहे थे बंटी व राधे मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2014 में एक नाबालिग की हत्या के मामले में बंटी व राधे दोनों की जेल चले गए थे। दोनों करीब 9 साल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद रहे। इसके बाद 2024 में दोनों जमानत पर रिहा हुए। राधे के परिवार में अकेले उसके पिता ही थे, लेकिन उसके जेल जाने के बाद उनकी मौत हो गई। बंटी के भाई कुलदीप का आरोप है कि उनकी ओर से आरोपियों के माता-पिता को कोई गाली नहीं दी गई थी। उल्टा उन लोगों ने गाली दी थी। इसकी वजह से विवाद बढ़ा। 27 अगस्त के अलावा तीन पहले भी झगड़ा हुआ। वहीं कुछ लोगों का दावा था कि बंटी व राधे की ओर से गाली-गलौज की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगा कि झगड़े की असली वजह क्या रही। उनकी तलाश की जा रही है।