फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Doctor Protest: जंतर-मंतर पर जुटे डॉक्टर, अस्पताल परिसर को सुरक्षित बनाने मांग, बोले- CHPA हो लागू

Sat, 31 Aug 2024 08:23 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टरों ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सेंट्रल हेल्थकेयर प्रोटेक्शन एक्ट यानी सीएचपीए लागू करने की मांग की है।
विज्ञापन
जंतर-मंतर पर जुटे डॉक्टर - फोटो : भूपिंदर सिंह
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों ने कहा कि अधिनियम लागू होने के बाद कानून सख्त होंगे। आरोपी स्वास्थ्य कर्मियों हमला करने से बचेंगे और उन्हें सुरक्षा मिल सकेगी।
विज्ञापन


फेडरेशन ऑफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (फाइमा) के नेतृत्व में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन सहित डॉक्टरों के दूसरे संगठन इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। फाइमा से डॉक्टर मनीष जांगड़ा ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई महिला डॉक्टर की हत्या में न्याय जल्द होना चाहिए। साथ ही आए दिन डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट व हिंसा की घटना रोकने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करना चाहिए।

डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि डॉक्टर एक व्यापक केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा संरक्षण अधिनियम की मांग कर रहे हैं। यह पूरे देश में होना चाहिए। इसके लागू होने से जमानती और गैर-जमानती अपराधों में एक समान नियम स्थापित होगा। मौजूदा समय में कई राज्यों में कानून है, लेकिन पुलिस इन कानूनों से अनजान हैं।
विज्ञापन




उन्होंने कहा कि हमारी मांग सुरक्षा को मजबूत करना है। परिसर में यदि डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षित रहेंगे तो मरीजों का इलाज भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। वहीं अन्य डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिसर के सभी क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाना चाहिए।
विज्ञापन


इसके अलावा दिन व रात में अच्छी रोशनी होनी चाहिए। चौबीसों घंटे निगरानी, गश्त सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग के साथ नियमित समन्वय व दूसरे उपाय किए जाने चाहिए। वहीं कानून लागू होते ही इसका सख्ती से पालन भी किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें