नई दिल्ली। जेएनयू में आदिवासी अध्ययन केंद्र स्थापित करने की मांग को लेकर छात्र संघ के संयुक्त सचिव ने कुलगुरु को प्रस्ताव सौंपा है। संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा कि यह पहल समावेशी शैक्षणिक विकास के प्रति एबीवीपी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो देश की सांस्कृतिक व पारिस्थितिक पहचान में आदिवासी समुदायों के अमूल्य योगदान को मान्यता देती है। प्रस्तावित केंद्र आदिवासी विरासत, भाषाओं, नायकों, पारिस्थितिक ज्ञान और उन स्वदेशी परंपराओं के समग्र अध्ययन के लिए मंच की परिकल्पना करता है। यह प्रत्येक छात्र के लिए गर्व का क्षण है। एबीवीपी छात्रों के साथ है। छात्रों के लिए है। ब्यूरो