अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बसों के रूट पुनर्निर्धारण करने की योजना के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक की दरकार है। परिवहन विभाग ने सरकार से राशि जारी करने का अनुरोध किया है। योजना पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) काम कर रही है और भुगतान की जिम्मेदारी डीटीआईडीसी (दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के माध्यम से पूरी की जाएगी। डीटीसी ने रूट निर्धारण का सर्वे आईआईटी दिल्ली से कराने का फैसला लिया है। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की सबसे बड़ी समस्या बसों की संख्या और उनके गलत रूट निर्धारण है। कई रूटों पर बसों की कमी से लोग घंटों इंतजार करते हैं, जबकि कुछ रूट ऐसे भी हैं जहां एक साथ तीन-तीन बसें पहुंच जाती हैं। नतीजतन, कुछ बसें खाली चलती रहती हैं और दूसरी ओर हजारों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक स्टॉप पर खड़े रहते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फंड की समस्या दूर करने के लिए काम किया जा रहा है।