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Delhi : डीटीसी और क्लस्टर बस में सफर के लिए महिलाओं को मिलेंगे पिंक स्मार्ट कार्ड, दिल्ली में निवास अनिवार्य

Sat, 12 Jul 2025 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

इस कार्ड पर धारक का नाम और फोटो होगा। यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के तहत जारी किया जाएगा।
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file pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में 12 साल और उससे अधिक आयु की महिलाओं और ट्रांसजेंडर को बसों में मुफ्त सफर की सुविधा के लिए सहेली स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड पर धारक का नाम और फोटो होगा। यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के तहत जारी किया जाएगा। इससे डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की जा सकेगी। परिवहन के अन्य साधनों का उपयोग करने के लिए रिचार्ज करने की जरूरत पड़ेगी।

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फिलहाल परिवहन विभाग इसको लेकर योजना तैयार कर रहा है। इसे जल्द लागू किया जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि डीटीसी की ओर से कोई भी कार्ड सीधे जारी नहीं किया जाएगा। पंजीकरण डीटीसी पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह से ऑनलाइन होगा और कार्ड चयनित बैंक द्वारा पूर्ण केवाईसी सत्यापन के बाद ही जारी किए जाएंगे। 

कार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदक को दिल्ली का वास्तविक निवासी होना चाहिए, उसकी आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। उसके पास पते का वैध प्रमाण होना चाहिए। उन्हें डीटीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक का भी चयन करना होगा। इसके बाद बैंक शाखा में के-वाईसी करना होगा। 
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अधिकारी ने बताया कि सरकार यात्रा के लिए कोई शुल्क नहीं लेगी, लेकिन जारीकर्ता बैंक अपनी नीतियों के अनुसार मामूली कार्ड जारी करने या रखरखाव शुल्क लगा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार्ड खो जाने की स्थिति में उपयोगकर्ताओं को इसकी सूचना जारीकर्ता बैंक को देनी होगी, जो अपनी शर्तों के अनुसार इसके बदले दूसरा कार्ड उपलब्ध कराएंगे।

बिना के-वाईसी कार्ड भी होगा जारी
अधिकारियों ने बताया, के-वाईसी के साथ ही बिना के-वाईसी का कार्ड भी जारी किया जाएगा। बिना के-वाईसी कार्ड के लिए ऑफलाइन आवेदन करना होगा। कार्ड मेट्रो के पुराने स्मार्ट कार्ड की तरह होगा। इसे डीटीसी के बस पास काउंटरों के अलावा बस कंडक्टरों के माध्यम से भी लिए जा सकेंगे। 

हालांकि, इन पर न तो महिलाओं का नाम लिखा होगा और ना उनके फोटो छपे होंगे। आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड जैसे किसी दस्तावेज के जरिए सत्यापन करके कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि, इन कार्डों का दुरुपयोग ना हो इसके लिए एक सत्यापन सिस्टम भी बनाया जाएगा। इसमें स्मार्ट कार्ड के नंबर और दस्तावेज के नंबर को मैच करने के अलावा महिलाओं के डिजिटल फोटो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी शामिल किया जा सकता है।

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