दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदकों को आवेदन करने, विषय चयन करने जैसी कई अन्य समस्याएं आ रही हैं। ऐसे में अब एसओएल में दाखिला लेने में आवेदकों की मदद पुराने छात्र करेंगे। एसओएल प्रशासन ने आवेदकों की मदद करने के लिए अपने दूसरे व तीसरे वर्ष के छात्रों की सहायता लेने का फैसला किया है। यह दाखिला प्रक्रिया जारी रहने तक इंटर्न बन कर काम करेंगे। इसके लिए इंटर्न के तौर पर उन्हें 12 हजार प्रति माह का भुगतान किया जाएगा।
एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि अब तक हमारी फोन लाइन पर हम पुराने छात्रों की मदद लेते हैं। वह फोन के माध्यम से दाखिला लेने वालों की समस्याओं को सुलझाते हैं। अब दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरु हो चुकी है, इस उद्देश्य के लिए हमारे यहां प्रवेश संबंधी गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों में मदद करने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम इंटर्न की मदद लेंगे। चयनित प्रशिक्षुओं को प्रति माह 12 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। दाखिला संबंधी सहायता के लिए करीब 50 छात्रों का चयन किया जाएगा। दाखिला संबंधी सहायता के लिए पहले प्रशिक्षित किया जाएगा। इन इंटर्न के साथ एसओएल का वरिष्ठ स्टॉफ भी होगा, जिससे कि नए आवेदकों तक किसी प्रकार की गलत जानकारी न पहुंचे।
सप्ताह में छह दिन मदद के लिए रहना होगा उपलब्ध
इन्हें सप्ताह में छह दिन छात्रों की मदद के लिए तैयार रहना होगा। कई बार नए आवेदक विषयों का चयन नहीं कर पाते या गलत चयन कर लेते हैं और बाद में उसमें बदलाव करने के लिए आते हैं। जबकि एक बार विषय का चयन करने पर बदला नहीं जाता है। ऐसे में आवेदकों को अपने सीनियर के अनुभव से विषय चयन करने में मदद मिलेगी। इंटर्न आवेदकों की विषय चयन करने में, काउंसलिंग करने में व उनके दस्तावेज अपलोड व स्कैन करने में मदद करेंगे। इसके अलावा यदि उन्हें दाखिले से संबंधित और कोई सहायता की आवश्यकता होगी तो वह भी की जाएगी। पुराने छात्रों से जानकारी मिलने से उन्हें गलत जानकारी मिलने की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।