नई दिल्ली जिले की कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने नकली डॉलर को रुपये में बदलने आए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। विदेशी नागरिकों ने मौके से भागने की कोशिश की, मगर स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को पकड़ लिया गया। इनके कब्जे से 9.96 लाख रुपये के नकली अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि नकली डॉलर छापने व रुपये में बदलवाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह हो सकता है।
दोनों आरोपी नागरिक उज्बेकिस्तान के रहने वाले हैं। ये कुछ दिन पहले ही दिल्ली आए थे। नर्ई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मनी एक्सचेंज का व्यवसाय करने वाले कमिल कुमार मेहरा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उनका ईजी फोरेक्स नाम से कनॉट प्लेस के एन-ब्लाक में कार्यालय है। वह 17 अप्रैल को रात आठ बजे कार्यालय में बैठे हुए थे, तभी दो विदेशी नागरिक आए।
उन्होंने कहा कि उनके पास 10-12 हजार अमेरिकी डॉलर हैं और वह उन्हें भारतीय मुद्रा में तब्दील कराना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने रुपये में एक्सचेंज के रेट पूछे। उन्होंने बताया कि वह ट्यूरिस्ट वीजा पर भारत आए हैं और उन्हें भारत में घूमने के लिए रुपयों की जरूरत है। एक विदेश नागरिक ने अपना नाम मिरोडिल उमारोव,जबकि दूसरे ने अपना नाम फारूख रसूलोव बताया।
विदेशी नागरिकों ने उसे 100 अमेरिकी डॉलर की गड्डी दी। गिनते समय उन्हें डॉलर की क्वालिटी पर संदेह हुआ। ठीक से देखने पर पता लगा कि कई अमेरिकी डॉलर के नंबर एक जैसे हैं। जब शिकायतकर्ता ने आरोपियों से पूछा कि उन्होंने ये डॉलर कहां से लिए है तो आरोपी भागने लगे। दोनों आरोपियों को स्थानीय पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया।
कनॉट प्लेस थानाध्यक्ष संजय कुमार की देखरेख में एसआई रोहित ने जांच शुरू की। एसआई रोहित ने कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों के पास से कुल 9.96 लाख रुपये के अमेरिकी डॉलर बरामद किए। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त देवेश महला ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है कि वह नकली अमेरिकी डॉलर कहां से लेकर आए।