पूछताछ में पता लगा कि उसके खिलाफ पिछले आठ सालों में हत्या का प्रयास, रॉबरी, झपटमारी, दुष्कर्म, घर में चोरी, सेंधमारी, चोरी, पुलिस टीम पर हमला, चोट पहुंचाने और आर्म्स एक्ट आदि के 125 से अधिक मामले दर्ज हैं। कोटला मुबारकरपुर थानाध्यक्ष विनय त्यागी पर 30 जून, 21 को फायरिंग के मामले समेत 35 मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
वसीम 30 जून को अपने चार साथियों समेत वैगन आर कार में भीष्म पितामह मार्ग पर घूम रहा था। कोटला मुबारकपुर थानाध्यक्ष ने कश्मीरी गेट तक इनका पीछा किया। वसीम व उसके साथी ने थानाध्यक्ष पर गोलियां चला दी थीं। पुलिस ने आरोपी के तीन साथियों को पकड़ लिया था, जबकि वसीम फरार होने में कामयाब हो गया था।
इलाके में गरीब लोगों को पैसे बांटता था
आरोपी वसीम सेंधमारी करने वाले गिरोह का सरगना है। उसके सेंधमारी करने वाले गिरोह में 25 सदस्य हैं। ये रेकी कर पॉश एरिया में बंद पड़ी कोठियों को निशाना बनाता था। ये दिन में रेकी करते थे और रात को वारदात करते थे। गिरोह के एक-दो सदस्य आसपास के मकानों पर नजर रखते थे।
एक साथ चार से पांच वारदात कर ये दिल्ली से कोलकाता चला जाता था। ये हवाईजहाज या फिर ट्रेन से कोलकाता जाता था। ये सीडी ब्लाक, जहांगीरपुरी के लोगों का रॉबिनहुड बना हुआ था। ये गरीब लोगों की सहायता करता था। इस कारण इलाके में उसके चहाने वाले काफी थे। जब कभी पुलिस उसे गिरफ्तार करने जाती थी तो लोग उसे सूचना दे देते थे और वह फरार हो जाता था।