नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने हरी बहादुर प्रधान (24) का घर-बार उजाड़ दिया था। आंखों में बेहतर जिंदगी के सपने और अपने होने वाले जीवनसाथी के लिए खुशियां जुटाने की चाह लेकर वह दिल्ली आया था। उसे उम्मीद थी कि राजधानी में काम मिलेगा। दिल्ली पहुंचने के बाद उसकी मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं। न नौकरी मिली और न ही उसे अपनों का सहारा। इसी बीच उसका दोस्त भी उससे बिछड़ गया। ऊपर से पर्स और मोबाइल चोरी हो गया।
हालात ऐसे बने कि उसके पास न पैसे बचे और न ही खाने का इंतजाम। वह अकेला पड़ गया और उसे लगा कि जिंदगी में आगे कुछ नहीं बचा है। इसी निराशा में हरी बहादुर ने आत्महत्या का फैसला किया। वह डिफेंस कॉलोनी इलाके में स्थित हुडको प्लेस के पार्क में पहुंचा और पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन इससे पहले कि वह कोई कदम उठाता, डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस को इसकी जानकारी मिल गई। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारा और उसे नेपाली दूतावास के सुपुर्द कर दिया।
दक्षिण जिला पुलिस अनंत मित्तल ने एक्स पर लिखा कि पीड़ित हरी बहादुर प्रधान चार-पांच दिन पहले नेपाल से दिल्ली आया था। उसकी करीब छह महीने पहले शादी हुई थी। शादी के बाद अब प्राकृतिक आपदा से उसका गांव बुरी तरह प्रभावित हो गया था। उसे दोस्त ने बताया कि उसे भारत में दिल्ली में 15 से 20 हजार की नौकरी मिल जाएगी। दोस्त के साथ वह ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा तो यहां उसका दोस्त उससे बिछड़ गया।
इसके बाद वह तीन-चार दिन तक इधर-उधर भूखा-प्यासा घूमता रहा। इस दौरान किसी ने उसका मोबाइल व पर्स भी चुरा लिया था। उसके पास खाने को पैसे नहीं थे। इसके बाद वह डिफेंस कॉलोनी के हुडको प्लेस पहुंचा और यहां पर एक पेड़ पर खुदकुशी करने के उद्देश्य से चढ़ गया। तभी उसे वहां सुरक्षा गार्ड ने उसे पेड़ पर चढ़े हुए देख लिया।
युवक को ऐसे बचाया गया
सुरक्षा गार्ड ने इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे एसआई योगेश व हवलदार राजेश को सूचना दी। सूचना मिलते ही ये तुरंत मौके पर पहुंच गए। एसआई योगेश युवक प्रधान को समझाने लगे की वह नीचे उतर आए, वह उसकी नौकरी लगवा देंगे।
पुलिस ने खाना लिखाया
पूरी तरह अशिक्षित हरी बहादुर ने नीचे उतरते ही बताया वह भूखा है। पुलिसकर्मियों ने उसे बढि़या खाना खिलाया। इसके बाद उसकी कई घंटे तक काउंसलिंग कराई गई। पुलिस ने काउंसलिंग कराकर युवक को शुक्रवार शाम को नेपाली दूतावास को सौंप दिया।