हिंदू नव वर्ष संवत 2081 के उपलक्ष्य में भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन हुआ। आयोजन स्थल इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम इस दौरान पूरे तरह से भगवा रंग में रंग गया। गीत और संगीत की प्रस्तुति ऐसी की सभी भक्ति के भाव में विभोर हुए बगैर नहीं रहे।
गायक अनुराधा पौड्वाल, भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने जहां भक्ति के रस में सभी को डुबोया वहीं कवयित्री अनामिका अंबर ने रामायण आधारित नृत्य नाटिकाओं ने लोगों का मन मोहा। संतजनों, महामंडलेश्वरों से आशीर्वाद लेने वालों का भी तांता लगा रहा। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश भाजपा मंदिर प्रकोष्ठ की तरफ से किया गया था।
समारोह में भजन गायक हंसराज रघुवंशी के हर भजन ने लोगों को झूमने पर विवश किया। भजनों के बीच जब जब भगवा ध्वज लहराता था तो लोगों को अलग ही अनुभूति होती। श्री राम मंदिर लोकार्पण पर बनाई विशेष क्लिप्स ने स्टेडियम को जय श्री राम के उदघोष से गुंजायमान कर दिया। एक साथ सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
कथावाचक संत सुधांशु, स्वामी ज्ञानांद महाराज ने एकत्र जनसमूह को विशेष आसन से ही आशीर्वाद देते रहे। कार्यक्रम में भाजपा नेता पियूष गोयल, उत्तराखंड के मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली लोकसभा चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश धनखड़, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, मंदिर प्रकोष्ठ संयोजक करनैल सिंह, सातों संसदीय सीट के उम्मीदवार कार्यक्रम में शामिल हुए।
केंद्र में रामभक्त का शासन है : सचदेवा
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि संतों का समागम देखकर अब कहा जा सकता है कि जैसे केंद्र में रामभक्त का शासन है वैसे ही दिल्ली में भी रामभक्त का शासन होना चाहिए। पिछले 10 वर्षों में हमने अपने राष्ट्र को बदलते देखा है। देखा है कि हमारी संस्कृति हमारी परंपराएं जिन पर प्रहार होता था उस संस्कृति को संरक्षण देने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। 2024 का चुनाव आने वाले समय में भारत का भविष्य तय करेगा। साथ ही 2047 के विकसित भारत की नींव का पत्थर भी हम सभी रखेंगे।
पूरा देश राममय है
पीयूष गोयल ने कहा कि आज का दिन बहुत ही शुभ है। क्योंकि मुंबई में महावीर जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया गया और दिल्ली में यह माहौल देखकर कह सकते हैं कि आज पूरा देश राममय हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास के साथ भारत की संस्कृति, आस्था और धरोहर को बढ़ाने का काम किया है।
आज राम से राष्ट्र है और देव से देश
ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि मंडालेश्वरों की उपस्थिति से हम कह सकते है कि हमें ईश्वर के साक्षात दर्शन हो गए हैं। आज राम से राष्ट्र है और देव से देश है। इस राम राष्ट्र वाले देश का आनंद गौरव प्रदान करता है। मैं उन लोगों में से हूं जिन्होंने राम को बाबरी में भी देखा, श्री राम को टेंट में भी देखा और आज श्री राम को भव्य मंदिर में भी देखने का सौभाग्य मिला है।