पंडित पंत मार्ग के पास ये है महादेव रोड का हाल।
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राजधानी के सबसे वीआईपी इलाके लुटियंस दिल्ली में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब तीन महीने पहले जिन सड़कों का नवीनीकरण किया गया था, वे मानसून की शुरुआती बारिश में ही उखड़ने लगी हैं। सड़कों के बीच बड़े गड्ढे बन गए हैं। हालांकि, शिकायतें सामने आने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कई जगह गड्ढों को भर दिया है।
सबसे खराब स्थिति पंत मार्ग की है। सड़क के बीच लंबी दूरी तक डामर उखड़ने लगा है, जिससे वाहन चालकों को रफ्तार कम करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
पंत मार्ग से जुड़ी कई आंतरिक सड़कों की हालात भी खराब हैं। जलभराव के कारण सड़कों की ऊपरी परत उखड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों पर करोड़ों रुपये खर्च कर हाल ही में नया निर्माण किया गया था, वे एक मानसून भी नहीं झेल सकीं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ये सड़कें एनडीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, जहां राजधानी के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी आते-जाते हैं।
एनडीएमसी ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे भर देना समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर तीन महीने पहले बनी सड़क पहली ही बारिश में क्यों उखड़ गई।