-थिंक टैंक ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) की रिपोर्ट ने किया खुलासा
-23 दिन बहुत खराब, 6 दिन गंभीर और 1 दिन खराब श्रेणी में एक्यूआई दर्ज किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
नवंबर में दिल्ली प्रदूषण के मामले में चौथे नंबर पर रहा। थिंक टैंक ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का मासिक औसत पीएम 2.5 लेवल 215 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो अक्तूबर के 107 माइक्रोग्राम के मुकाबले लगभग दोगुना है। शहर में नवंबर के दौरान शहर का एक्यूआई 23 दिन बहुत खराब, 6 दिन गंभीर और 1 दिन खराब दर्ज किया गया। इस दौरान पराली जलाने का असर कम रहा। इसका योगदान केवल 7 प्रतिशत था, जबकि पिछले साल यह 20 प्रतिशत था। रिपोर्ट में बताया कि एनसीआर के कई शहरों में हवा का स्तर नेशनल स्टैंडर्ड से ऊपर रहा। दिल्ली सहित बहादुरगढ़, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में प्रदूषण लगातार उच्चस्तर पर रहा। सीआरईए के विश्लेषक मनोज कुमार ने कहा कि पराली जलाने के असर में कमी के बावजूद, ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, पावर प्लांट और अन्य स्रोतों से साल भर जारी प्रदूषण के कारण शहरों में हवा लगातार खराब बनी रहती है। उनका कहना है कि जब तक इन स्रोतों से उत्सर्जन कम नहीं होगा, शहरों की हवा सुरक्षित स्तर तक नहीं आएगी।