पूर्व आईएएस ट्रेनी पूजा खेडकर मामले पर दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट ने दवाब दाखिल किया है। पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट में बताया है कि पूजा खेडकर ने कई डिसेबिलिटी दिखाने के लिए दो सर्टिफिकेट दिखाए गए। उसकी जांच से पता चला है कि उनमें से एक सर्टिफिकेट जाली हो सकता है।
दिल्ली पुलिस ने खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका के जवाब में यह दलील पुलिस की ओर से दी गई है। पूजा पर धोखाधड़ी करने और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी और डिसेबिलिटी कोटे के लाभों का गलत तरीके से लाभ उठाने का आरोप है।
स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि पूजा ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 और सिविल सेवा परीक्षा-2023 के लिए दो सर्टिफिकेट पेश किए थे। विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के अहमदनगर चिकित्सा प्राधिकरण ने दावा किया है कि डिसेबिलिटी, श्रवण दोष और कम दृष्टि दिखाने वाला प्रमाण पत्र "सिविल सर्जन कार्यालय रिकॉर्ड" के अनुसार जारी नहीं किया गया। ऐसे में फर्जी सर्टिफिकेट की संभावना ज्यादा है।