इसी तरह नवंबर, 2022 में बवाना में रहने वाले युवक ने फेसबुक पर वीडियो डाला कि वह खुदकुशी कर रहा है। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम ने युवक का आईपी एड्रेस व मोबाइल नंबर निकालकर बवाना व नरेला औद्योगिक थानों को सूचना देकर मौके पर भेजा। पुलिस ने युवक को खुदकुशी नहीं करने के लिए समझाया। युवक ने बताया कि बड़े भाई से विवाद के चलते वह परेशान था और खुदकुशी करना चाहता था। ये दो उदाहरण हैं कि दिल्ली पुलिस कैसे लोगों की जान बचा रही है। आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि वह अब तक 225 लोगों की जान बचा चुके हैं। इनमें ज्यादातर छात्र व छात्राएं हैं। महिलाओं की संख्या भी काफी है।
कोरोना काल से बढ़ी खुदकुशी करने की प्रवृत्ति
उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि ज्यादातर मामलों में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच जाती है और पीड़ित को बचा लेती है। वह 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में कामयाब हो जाती है। कई बार समय पर नहीं पहुंचने पर पुलिस पीड़ित को बचा नहीं पाती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आंकड़ों से देखने में ये भी सामने आ रहा है कि कोरोना काल से लोगों में खुदकुशी की प्रवृति बढ़ती जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि आईएफएसओ अब तक 225 लोगों को बचा चुकी है।
टेक्नोलॉजी के जरिए दिल्ली पुलिस ऐसे दे रही दूसरी जिंदगी
हाईटेक होती टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने के लिए दिल्ली पुलिस ने कदम उठाया। दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट गूगल की वर्ष 2019 में दिल्ली की नोडल एजेंसी बनी। इससे दिल्ली पुलिस को जीवन को लेकर धमकी जैसे बम धमाके, बम की सूचना, खुदकुशी, आतंकी हमला और बाल यौन शोषण का अलर्ट मिलने लगा। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने आईएफएसओ में एक अलर्ट टीम बनाई। गूगल ने इस तरह का सिस्टम बना रखा है या फिर ऐसे शब्द डाल रखे हैं कि बम धमाके, खुदकुशी और बाल यौन शोषण की घटना सामने आती है तो कंप्यूटर पर अलर्ट आ जाता है। अलर्ट मिलने के बाद पुलिस टीम आईपी एड्रेस व मोबाइल नंबर निकालकर पीडि़त तक पहुंच जाती है और उसे बचा लेती है।
सभी राज्यों के लोगों को बचा रही दिल्ली पुलिस
आईएफएसओ के एक अधिकारी ने बताया कि आईएफएसओ वैसे तो दिल्ली के लिए गूगल की नोडल एजेंसी है, मगर अलर्ट मिलने पर दिल्ली पुलिस सभी राज्यों को सूचना दे देती है। सभी पीड़ितों की पूरी जानकारी निकालकर सूचना देती है। हालांकि दिल्ली पुलिस नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, सोनीपत, पानीपत समेत पड़ोसी राज्यों व दिल्ली-एनसीआर के शहरों पर लगातार नजर रखती है।
पुलिस काउंसलिंग करवाती है, फोन कर पूछती है
आईएफएसओ उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि दिल्ली पुलिस लोगों की जान बचा रही है। पुलिस इसे एक मिशन मान रही है। दिल्ली पुलिस जिस व्यक्ति को बचाती है उसका आगे तक ध्यान रखती है। पुलिस खुद फोन कर उससे उसका हाल पूछती है। डॉक्टर से काउंसलिंग करवाई जाती है। उसके माता-पिता की काउंसलिंग करवाई जाती है। अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति में खुदकुशी की प्रवृति होती है। इस प्रवृति को खत्म करने के लिए आईएफएसओ की अलर्ट टीम आगे भी ध्यान रखती है।