सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। जिन महिला पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की बात कही गई है उनमें से एक नाबालिग पहलवान भी है। ये महिला पहलवान इस समय हरियाणा स्थित अपने घर पर है। नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कर दी गई है। सभी पहलवानों के पीएसओ के पास हथियार होगा। इस अधिकारी ने बताया कि आंदोलनरत पहलवानों की सुरक्षा में भी पीएसओ तैनात कर दिए गए हैं। वह दूर से सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं। इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के बयान जल्द ही दर्ज किए जाएंगे।
कोर्ट में भी महिला पहलवानों के आईपीसी 164 के तहत जल्द ही बयान दर्ज कराए जाएंगे। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हालाकि मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई जा रही है। ये भी कहा जा रहा है कि दोनों की प्राथमिकी की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंपी जा सकती है।
प्राथमिकी में उल्लिखित घटनाएं कथित तौर पर 2012 और 2022 के बीच विदेशों सहित विभिन्न स्थानों पर हुईं। महिला पहलवानों द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दो प्राथमिकी दर्ज की थीं।