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दिल्ली पुलिस का कारनामा: थाने के पास किराए पर कमरा लेकर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी, पूरे देश में निकाला विज्ञापन

Sun, 23 Apr 2023 08:33 PM IST
Digvijay Singh पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के कई राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन दिया गया है। तिगड़ी थाना डेढ़ कमरे में चल रहा है। पुलिसकर्मी थाने के पास किराये पर कमरा लेकर ड्यूटी कर रहे हैं। जरूरी काम होने पर इन्हें कॉल कर बुलाया जाता है।
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तिगड़ी थाने के लिए पुलिस को इमारत की तलाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस का हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के संगम विहार इलाके में तिगड़ी थाने के लिए पुलिस को इमारत चाहिए, लेकिन इसके लिए पूरे देश में विज्ञापन निकाला गया है। देश के कई राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन दिया गया है। तिगड़ी थाना डेढ़ कमरे में चल रहा है। पुलिसकर्मी थाने के पास किराये पर कमरा लेकर ड्यूटी कर रहे हैं। जरूरी काम होने पर इन्हें कॉल कर बुलाया जाता है।

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दरअसल, संगम विहार थाने के बड़े क्षेत्र को देखते हुए कोरोना काल से पहले जनवरी, 2019 में तिगड़ी थाना बनाया गया था। संगम विहार थाने के आधे इलाके को इस थाने से जोड़ा गया। थाने को चलाने के लिए महज डेढ़ कमरा ही है। हालांकि, थानाध्यक्ष का कमरा अलग है। एक कमरे में एटीओ इंस्पेक्टर व तफ्तीश इंस्पेक्टर दोनों बैठते हैं। छह-छह फुट के दो कमरों में मालखाना व रिकार्ड रूम है। छोटे से पोर्टा केबिन में ड्यूटी अफसर बैठता है। थाने के अंदर नहीं, बल्कि बाहर की तरफ दो पुराने शौचालय हैं। गेट भी टूटे हैं। बदमाश को बंद करने के लिए लॉकअप तक नहीं है। पानी आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे पुलिसकर्मी बेहद परेशान रहते हैं।

134 पुलिसकर्मी हैं तैनात
तिगड़ी थाने में करीब 134 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 15 सब-इंस्पेक्टर हैं और 12 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी हैं। इनके थाने में बैठने के लिए एक हॉल है। जांच अधिकारी, पुलिसकर्मी, जनता, मुजरिम यानि सभी के लिए ये हॉल है। ऐसे में इस थाने में तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मी आसपास ही आठ से नौ हजार रुपये किराये पर रहते हैं। थानाध्यक्ष या फिर किसी अधिकारी को कोई जरूरत होती है तो इन पुलिसकर्मियों को किसी युवक को भेजकर या फिर फोन कर थाने बुलाया जाता है।

थाने पहुंचने में लगता है समय
थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या आने की भी है। थाने जाने के लिए एमबी रोड से तिगड़ी, देवली और सैनिक फार्म से अंदर संगम विहार के लिए घुसना पड़ता है। फिर बांध रोड़ पर पहुंचते हैं। बांध रोड़ से उतरकर फिर पहाड़ी पर स्थित थाने आते हैं। जाम के कारण यहां से जाने पर कई बार एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। यहां पर वरिष्ठ अधिकारी कम ही जाते हैं। कुछ महीने पहले दक्षिण जिला डीसीपी बेनीता मेरी जैकर तिगड़ी थाने के लिए जा रही थीं तो जाम में फंस गई और लौटना पड़ा। हालांकि, दक्षिण जिले की वर्तमान डीसीपी चंदन चौधरी ने हाल ही में तिगड़ी थाने का दौरा किया था।

सात माह पहले निकाला था विज्ञापन
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार तिगड़ी थाने के लिए बड़ी इमारत देखी जा रही है। इसके लिए पूरे देश में करीब सात महीने पहले विज्ञापन निकाला गया। हालांकि, इस पर पुलिसकर्मी संशोधन करवा सकते हैं, लेकिन पैसे की बर्बादी की किसे चिंता है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में एक स्कूल की खाली इमारत को देखा गया है। इमारत काफी बड़ी है। उसके लिए बात की जा रही है। डीसीपी चंदन चौधरी स्कूल की इस इमारत को देखने आई थीं।

 
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जल्द ही थाने को नई इमारत मिल जाएगी
डीसीपी चंदन चौधरी का कहना है कि हमने तीन-चार राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन निकाला है। नई इमारत लेने की प्रक्रिया में कुछ जटिलताएं आ रही हैं। इन बाधाओं को जल्द ही दूर किया जा रहा है। बड़ी इमारत के लिए प्रस्ताव जल्द ही पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा।
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