दिल्ली के शाहदरा जिले की विवेक विहार थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करते थे।
ये रेलवे व फूड डिपार्टमेंट समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलवाने का झांसा देते थे। दो आरोपी पीड़ितों से सीबीआई अफसर बनकर मिलते थे। पुलिस ने इनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, एडमिट कार्ड, स्टंप व अन्य कागजात बरामद किए है।
शाहदरा जिला डीसीपी नुपूर प्रसाद के अनुसार फरूक नगर, आलपुर, साहिबाबाद, गाजियाबाद निवासी आसिफ अली ने विवेक विहार थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसे नोटिस में आया था कि रावेन्द्र सिंह सरकारी नौकरी लगवाता है।
उसने भाई के साथ विवेक विहार के गिनजेर होटल में रावेन्द्र सिंह से मीटिंग की। रावेन्द्र सिंह ने खुद को सीबीआई अफसर बताया था और आसिफ को सरकारी नौकरी लगवाने के लिए कहा था।
रावेन्द्र सिंह ने आसिफ से 3.5 लाख रुपये मांगे थे। इसके बाद आरोपी ने उसे लखनऊ बुलाया। आसिफ ने रावेन्द्र सिंह व उसके भाई अंकित सिंह को लखनऊ में 3.5 लाख रुपये दे दिए थे।
इसके बाद आरोपियों ने आसिफ को कानपुर बुलाया। यहां पर एक रजिस्टर्ड साइन कराए। बाद में उसे ट्रेनिंग के लिए उन्नाव बुलाया। उसे बताया गया कि उसकी जगह कोई ट्रेनिंग करने गया है।
आसिफ को परिचय पत्र दिया गया और उसे बताया कि एफसीआई में उसकी नौकरी लग गई है। परिचय पत्र वापस ले लिया गया और उसे कहा कि नौकरी के टाइम पर ही दिया जाएगा।
बाद में आसिफ से कोर्ट द्वारा नौकरी पक्की करने के नाम पर 5100 रुपये ले लिए थे। उससे कहा गया कि अगस्त के पहले सप्ताह में उसे फतेहाबाद, हरियाणा में नौकरी ज्वाइन करनी है। बाद में आसिफ को पता लगा कि उसके साथ ठगी हुई है।