दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को मंगलवार रात करीब एक बजे गिरफ्तार किया है। बदमाशों की गोली से दिल्ली पुलिस के एसआई हेमंत बाल-बाल बच गये। एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस वर्ष 2021 के फिरौती के लिए अपहरण समेत कई मामलों में इनकी तलाश कर रही थी। आरोपी राजेश बवानिया गिरोह का सदस्य हैं। पुलिस ने इनके पास से एक स्वचालित पिस्टल, दो देशी कट्टे, चार कारतूस और एक गुरुग्राम से चुराई गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार इंस्पेक्टर रामपाल को सूचना मिली थी कि राजेश बवानिया गिरोह के तीन बदमाश वारदात करने के उद्देश्य से सरोजनी नगर इलाके में आएंगे। उनके पास हथियार होंगे। सूचना के बाद एसीपी उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर रामपाल, एसआई हेमंत कुमार, एसआई इमरान, मुकेश व देवीदयाल की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने माता रानी विजय सिंधिया रोड पर घेराबंदी की। पुलिस ने मोटरसाइकिल पर आए बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उन्होंने गोली चला दी। एक गोली एसआई हेमंत को लगी, मगर बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गए।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। इससे बदमाश सचिन के सीधे पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने ओम नगर, अमरहेरी रोड जींद, हरियाणा निवासी सचिन उर्फ एके-47(28), गांव महमूदपुर थाना टीला मोड, लोनी गाजियाबाद यूपी निवासी प्रिंस(18) और रितिक उर्फ गब्बू(20) को गिरफ्तार कर लिया।
सचिन के खिलाफ हरियाणा में पांच, प्रिंस के खिलाफ गाजियाबाद में सात और रितिक के खिलाफ गाजियाबाद में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। सचिन नारनौल, जींद व रेवाडी में चार बैंक डकैती कर चुका है। इसने वर्ष 2021 में फिरौती के लिए एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया था। ये तभी से फरार था। रीतिक अपने पिता की हत्या करना चहाता है। इस कारण ये राजेश बवानिया गिरोह में शामिल हो गया था।