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Delhi Rules: केवल जब्ती पर रोक, पुराना वाहन चलाया तो 22 हजार तक फाइन; पंजीयन खत्म होने पर दिल्ली में नो एंट्री

Thu, 14 Aug 2025 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली

सार

पंजीयन खत्म होने के बाद जो वाहन बाहर जा चुके हैं उनका अभी भी प्रवेश प्रतिबंधित है। साथ ही, जिन वाहनों का पंजीयन खत्म हुआ है वे भी सड़कों पर नहीं दौड़ सकते। नियमों के तहत पकड़े जाने पर इन वाहनों पर कार्रवाई होगी जिसमें 22 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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demo - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों के प्रतिबंध पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। पंजीयन खत्म होने के बाद जो वाहन बाहर जा चुके हैं उनका अभी भी प्रवेश प्रतिबंधित है। साथ ही, जिन वाहनों का पंजीयन खत्म हुआ है वे भी सड़कों पर नहीं दौड़ सकते। नियमों के तहत पकड़े जाने पर इन वाहनों पर कार्रवाई होगी जिसमें 22 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

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दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त डॉ. अनिल छिकारा के मुताबिक, मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मतलब यह नहीं है कि पुराने वाहनों से प्रतिबंध हटा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केवल वाहनों को जब्त न करने का आदेश दिया है।

मियाद पूरी कर चुके वाहनों को लेकर पुराने नियम अभी भी लागू हैं जिसका मतलब है कि 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाले वाहनों को दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश नहीं मिलेगा और जिन वाहनों की मियाद हाल ही में पूरी हुई है उन्हें भी सड़कों पर दौड़ने की अनुमति नहीं है। अगर पकड़े जाते हैं तो यातायात पुलिस बिना पंजीयन वाहन चलाने पर 10 हजार, बिना पीयूसी 10 हजार और बिना बीमा के दो हजार रुपये का जुर्माना लगा सकती है।
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अभी तक पुराने वाहनों को जब्त कर सीधे स्क्रैप के लिए भेजा जा रहा था। इसमें कई तरह का विवाद और विरोधाभास भी देखने को मिल रहा था क्योंकि कुछ मामलों में पंजीयन वाले वाहनों को भी स्क्रैप में भेज दिया गया था। इस कार्रवाई से वाहन मालिकों को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मियाद पूरी कर चुके वाहनों को जब्त न करने का आदेश दिया है लेकिन ऐसे वाहन अगर सड़कों पर मिलते हैं तो यातायात पुलिस उनके खिलाफ मौजूदा नियमों के हिसाब से ही कार्रवाई करेगी।

दूसरे राज्य में पंजीयन पर भी छूट नहीं
दिल्ली परिवहन विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि मियाद पूरी होने के पहले वाहनों को दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है। ऐसे वाहन उक्त राज्य में जाकर फिर से पंजीयन कराने के बाद सड़कों पर दौड़ते हैं। ऐसे वाहनों को दिल्ली और एनसीआर की किसी भी सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं है। यह प्रतिबंध अभी भी जारी रहेगा और इनके खिलाफ पुराने नियमों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। हालांकि, इन वाहनों को जब्त नहीं किया जाएगा।

61 लाख वाहनों का पंजीयन रद्द
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से लेकर अब तक 61 लाख वाहनों का पंजीयन रद्द हुआ है जिनमें 40 लाख दोपहिया और 20 लाख चारपहिया वाहन शामिल हैं। इन 61 लाख में से करीब 80 हजार वाहनों को जब्त कर स्क्रैप के लिए भेजा गया है। हालांकि, अधिकतर वाहनों ने पंजीयन पूरा होने से पहले एनओसी ली है। इसका मतलब है कि उन्होंने अपने वाहन को किसी दूसरे राज्य में या तो बेच दिया है या फिर अपने गृह क्षेत्र भेज दिया है। इस तरह के वाहनाें को दिल्ली-एनसीआर में नहीं लाया जा सकता है।

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