गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस बिश्रोई ने होटल कारोबारी व नादिरशाह के करीबी रहे कुणाल को रंगदारी के लिए जेल से ही 15-20 कॉल व 40 से ज्यादा वॉयस मैसेज भेजे थे। नादिरशाह के इशारे पर एक तो कुणाल ने रंगदारी देने से मना दिया। दूसरा, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने फोन कर लारेंस बिश्रोई को धमका दिया था कि वह कुणाल से रंगदारी न मांगे। पुलिस की धमकी से लारेंस बहुत ज्यादा चिढ़ गया। इसके बार गैंगस्टर लारेंस ने नादिरशाह की हत्या करने की ठान ली।
कुणाल पहले बाहरी दिल्ली में रहता था। जब गैंगस्टर लारेंस ने इससे रंगदारी मांगना शुरू किया तो मामला स्पेशल सेल की नार्थन रेंज को सौंपा गया। स्पेशल सेल ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। इसके बाद कुणाल दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में रहने आ गया। यहां भी उसे रंगदारी की धमकी भरी कॉल्स आती रहीं। कुणाल ने धमकी भरी कॉल आने पर 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी। उस समय महरौली थाने के थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर पीसी यादव ने जांच की थी। सीनियर पुलिस अधिकारियों के आदेश पर दक्षिण जिला पुलिस ने कुणाल को सुरक्षा प्रदान कर की थी।
विदेश जाने के बाद सुरक्षा हट गई-
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगातार धमकी भरे फोन आते रहे तो कुणाल भारत छोड़कर दुबई चला गया। तब दिल्ली पुलिस ने उसकी सुरक्षा वापस ले ली। अब कुणाल ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ कोर्ट में अर्जी लगाई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली पुलिस को लारेंस की आवाज के नहीं मिले सैंपल-
कारोबारी कुणाल को धमकी मिलने के मामले में स्पेशल सेल ने लारेंस का ट्रांजिट रिमांड मांगा। पुलिस को लारेंस की आवाज के सैंपल लेने थे। उस समय पंजाब पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले गई। इसके बाद गैंगस्टर लारेंस की तबीयत खराब हो गई और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। उस समय उसने कोर्ट व सरकार में अर्जी लगाई की उसकी जान को खतरा है और उसे जेल से बाहर न भेजा जाए। ऐसे में गुजरात सरकार ने एक साल तक लारेंस के गुजरात जेल से बाहर ले जाने पर रोक लगा दी।
लारेंस खुद देता है धमकी-
स्पेशल सेल के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया कि लारेंस बिश्रोई रंगदारी के लिए खुद कॉल करता है। खुद ही वॉयस मैसेज भेजता है। ये भी बताया जा रहा है कि वह किस को मारना है ये भी वह खुद ही तय करता है। लारेंस को लगता है कुणाल नादिरशाह के चक्कर में रंगदारी नहीं दे रहा है। उसे पता था कि नादिरशाह पुलिस का मुखबिर है। इस कारण पुलिस ने उसे फोन कर धमकाया है।
दो महीने पहले दी गई गवाही बनी हत्या का कारण-
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाशिम बाबा के खास गुर्गे शाहरुख ने दक्षिण दिल्ली में रहने वाले एक अन्य कारोबारी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी। नादिरशाह के कहने पर उसने रंगदारी नहीं दी। ऐसे में शाहरुख ने कारोबारी पर फायरिंग करवा डाली। हमले में कारोबारी बच गया। करीब दो महीने पहले इस कारोबारी ने शाहरुख के खिलाफ कोर्ट में पक्की गवाही दे दी। इससे शाहरुख को सजा मिलना तय हो गया है। ऐसे में हाशिम बाबा तिलमिला गया। उसने लारेंस को सारी बात बताई। लारेंस ने नादिरशाह की हत्या के आदेश दे दिए।