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Mukherjee Nagar Fire: आग मुखर्जी नगर में लगी, सूचना महाराष्ट्र-पटना से मिली; वीडियो कॉल कर जाना लाड़लों का हाल

Fri, 16 Jun 2023 08:49 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

मुखर्जी नगर में मौजूद कई छात्रों को महाराष्ट्र और पटना से परिजनों ने घटना की जानकारी दी। छात्रों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन काफी विचलित हो गए थे।
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मुखर्जी नगर में कोचिंग सेंटर में आग - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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मुखर्जी नगर के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना की सूचना काफी तेजी से फैली। यहां तक की मुखर्जी नगर में मौजूद कई छात्रों को महाराष्ट्र और पटना से परिजनों ने घटना की जानकारी दी। छात्रों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन काफी विचलित हो गए थे। अनहोनी की आशंका में उन्होंने तुरंत फोन कर सलामती के बारे में पूछताछ की।

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महाराष्ट्र निवासी विकास ने बताया कि मैं इंद्रा विकास कॉलोनी में रहकर एसएससी की तैयारी कर रहा हूं। घटना के समय कोचिंग जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान मां का फोन किया। मां ने आग लगने के बारे में बताया और कहा कि इमारत में कई बच्चे फंस गए हैं। मां को अपनी सलामती की बात कहकर मैं तुरंत कोचिंग सेंटर के पास पहुंचा। वहीं, पटना निवासी समीर यादव ने बताया कि घटना के समय मैं लाइब्रेरी में था। इसी दौरान मां ने व्हाट्सएप कॉल की और सही सलामत देखकर मां की आंखों से आंसू निकल गए। मां से रोने का कारण पूछा तो उन्होंने आग लगने की जानकारी दी।

राजधानी के ज्यादातर निजी कोचिंग संस्थान भविष्य संवारने के नाम पर छात्रों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बहुमंजिला इमारतों में घुसने के लिए संकरी सीढि़यां, प्रवेश व निकासी के छोटे रास्ते, छोटे कमरों में ठसाठस भरे छात्र ये हालात इन कोचिंग संस्थानों में आम हैं। ऐसे में छोटी से चिंगारी बड़े हादसे में तब्दील हो सकती है। मुखर्जी नगर का हादसा इसकी नजीर भी है। कोचिंग क्लास में सिर्फ धुंआ भरने से इस कदर अफरातफरी मची कि जान बचाने के लिए बच्चे रस्सी के सहारे पांचवीं मंजिल से नीचे उतरने को मजबूर हुए। 
 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हादसा बेशक ज्ञान बिल्डिंग में हुआ, लेकिन यहां चार-पांच मंजिला कई इमारतें हैं, जिनमें प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक द्वार है। प्रवेश मार्ग पर ही बिजली मीटर व तारों के जाल और सैकड़ों की संख्या में लगे एसी-कूलर खतरे की घंटी बजाते रहते हैं।
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1000 छात्रों को एक साथ पढ़ाया जा रहा
कोचिंग सेंटरों के ज्यादातर क्लास रूम छोटे हैं। इसमें 200-400 बच्चों के बैठने लायक ही जगह है, लेकिन 1000 से अधिक बच्चों को एक साथ पढ़ाया जा रहा है। पैसों के लालच में संचालक एक बैच में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को पढ़ाते हैं। इसकी एक शिकायत पिछले दिनों अजब एकेडमी ने क्रिस्टोफर फोनेक्स कोचिंग इंस्टीट्यूट के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी की थी। शिकायत पत्र में कहा गया है कि हर बैच में दो-दो हजार बच्चे को एक साथ पढ़ाया जाता है। ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शॉर्ट सर्किट ही नहीं, अगर भूकंप आ गया तो हालात खराब हो सकते हैं।
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