प्रेस कांफ्रेंस करते भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी, विजेंदर गुप्ता और हर्ष मल्होत्रा
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दिल्ली को एक बार फिर मेयर नहीं मिल सका। भाजपा-आम आदमी पार्टी के बीच एल्डरमैन और कोर्ट से सजा पाए विधायकों को वोट न देने के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ और सदन में मेयर पद के लिए मतदान नहीं हो सका। सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। भाजपा ने आम आदमी पार्टी को सदन में हंगामा करने के लिए तैयार होकर आने का आरोप लगाया है। वहीं, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा चुनाव हारने के बाद भी असंवैधानिक तरीके से निगम पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है, यही कारण है कि वह विभिन्न तरीके से मेयर चुनाव नहीं होने देना चाहती है।
भाजपा नेता विजेंदर गुप्ता ने कहा कि संजीव झा और अखिलेश पति त्रिपाठी सजायाफ्ता हैं। पीठासीन अधिकारी ने यह नियम दिया कि ये विधायक मेयर चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह नियम बनाना सदन के पीठासीन अधिकारी का अध्ययन था, लेकिन आप ने इसके विरोध में हंगामा खड़ा कर दिया जिससे दिल्ली को लगातार तीसरी बार मेयर नहीं मिल सका।
विजेंदर गुप्ता ने कहा कि भाजपा चाहती है कि दिल्ली को जल्द से जल्द मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चीफ मिलें, जिससे जनता का कार्य आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहली बार देखा जा रहा है कि सदन में बहुमत प्राप्त राजनीतिक दल मेयर चुनाव में बाधा उत्पन्न कर रहा है।
भाजपा नेता हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी बाहर से कार्यकर्ताओं को बुलाकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है। उन्होंने मांग की है कि सदन परिसर में केवल मेयर पद के लिए निर्धारित वोटर ही प्रदर्शन करें। बाहरी कार्यकर्ताओं को निगम परिसर के अंदर धरना-प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।