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Delhi : मालीवाल से मारपीट के बाद बिभव के साथ काफी देर रहे केजरीवाल, पुलिस ने दायर किया आरोप-पत्र; कई दावे

Thu, 08 Aug 2024 02:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने मामले में दायर आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार द्वारा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर किए गए क्रूर हमले के पीछे की बड़ी साजिश की जांच कर रही है।
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विभव कुमार, स्वाति मालीवाल - फोटो : PTI/AAP
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विस्तार
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राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की मुख्यमंत्री आवास पर पिटाई के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने सहयोगी आरोपी विभव कुमार के साथ काफी समय तक साथ रहे थे। पुलिस ने मामले में दायर आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार द्वारा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर किए गए क्रूर हमले के पीछे की बड़ी साजिश की जांच कर रही है। आरोप पत्र में पुलिस ने यह भी कहा कि कथित अपराध के बाद कुमार और केजरीवाल काफी समय तक मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर एक साथ थे।

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न्यायिक हिरासत में बंद कुमार पर 13 मई को मुख्यमंत्री के आवास पर आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद मालीवाल पर हमला करने का आरोप है। आरोपपत्र में कहा गया है शिकायतकर्ता ने 10 जुलाई 2024 को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष आरोपी की जमानत पर सुनवाई के बाद दर्ज अपने बाद के बयान में स्वाति मालीवाल ने कहा था कि जिस तरह से आप के सभी नेता और कार्यकर्ता अपने ही एक सांसद के खिलाफ आरोपी (कुमार) के समर्थन में आए, उससे पता चलता है कि हमले के पीछे एक बड़ी साजिश है और उन्होंने पुलिस से इसकी जांच करने का आग्रह किया था। 500 पृष्ठों के आरोप पत्र में लगभग 50 गवाहों के बयान हैं। इसे 16 जुलाई को अदालत में दायर किया गया था और इसका संज्ञान 30 जुलाई को लिया गया।

अंतिम रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित रिकॉर्डिंग उपकरणों को जब्त करने से पहले सीसीटीवी कैमरों की चुनिंदा फुटेज मीडिया को लीक कर दी गईं थीं। इससे यह पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता हुई कि अपराध के पीछे कोई साजिश थी या नहीं। आरोपपत्र के अनुसार दिल्ली पुलिस ने कुमार के खिलाफ धारा 201, 308, 341, 354, 354बी , 506 और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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इसमें कहा गया है कि कुमार के खिलाफ मौखिक और दस्तावेजी दोनों तरह के पर्याप्त सबूत हैं। अंतिम रिपोर्ट में कहा गया है यहां यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक है कि आरोपी बिभव कुमार पहले भी धारा 353, 506 और 504 के एक मामले में शामिल रहा है। 16 मई को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें उसी दिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

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