जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के तहत झेलम लॉन में प्रेसिडेंशियल डिबेट की समाप्ति से पहले बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे हंगामा हो ही गया। करीब आठ घंटे तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन प्रश्न-उत्तर सत्र में मामला उलझ गया। एक छात्र ने एबीवीपी के अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा से सवाल पूछा था। आरोप है कि अजमीरा के जवाब पर छात्रसंघ चुनाव समिति ने एबीवीपी के अध्यक्ष पद के दावेदार के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें बीच में ही भाषण देने से रोक दिया। एबीपीपी ने छात्रसंघ चुनाव समिति पर पक्षपाती व असंवैधानिक रवैए का आरोप लगाते हुए जांच की मांग रखी है।
झेलम लॉन में बुधवार रात नौ बजे प्रेसीडेंशियल डिबेट शुरू हुई। सेंट्रल पैनल के उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव के दावेदारों के बाद सेंट्रल पैनल के सभी सात उम्मीदवारों ने मंच से मतदाताओं को देश-विदेश के मुद्दों के बाद काम से लुभाना शुरू किया। रातभर सब ठीक रहा, लेकिन सुबह होने तक विवाद हो ही गया। जेएनयू एबीवीपी इकाई मंत्री विकास ने बताया कि अध्यक्ष पद के दावेदार उमेश चंद्र अजमीरा ने अपने भाषण के दौरान संदर्भ के तौर पर महात्मा गांधी का कथन ‘’एन आई फॉर एन आई मेक होल वर्ल्ड ब्लाइंड’’ का प्रयोग किया था। इसको लेकर बिना किसी आधार और नियम जेएनयूएसयू चुनाव समिति ने वाम छात्र संगठनों के साथ मिलकर उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू किया और भाषण देने से भी रोका। जेएनयू में चुनाव के लिए गठित चुनाव समिति द्वारा प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान एबीवीपी के उम्मीदवार के साथ दुर्व्यवहार करना व भाषण देने से रोकना पक्षपाती एवं असंवैधानिक कदम है।
जयश्रीराम के नारे के साथ अभद्र टिप्पणी
एबीवीपी अध्यक्ष पद के दावेदार ने बताया कि डिबेट के दौरान बुधवार रात को सीआरजेडी-समाजवाद छात्रसभा के कार्यकताओं ने मिले मुलायम -काशी राम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम जैसे अभद्र नारे लगाए गए हैं। इसी तरह से भगवान श्रीराम के नाम पर अभद्र टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एबीवीपी इसका पूरजोर विरोध करती है। 500 साल की गुलामी को हटाकर अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बना है। अभद्र टिप्पणी पर उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। एबीवीपी ने छात्रसंघ चुनाव के लिए बैलेट में छपने और प्रयोग की संख्या सार्वजनिक करने की मांग रखी है।