राजधानी के लाखों उपभोक्ताओं के लिए जल बोर्ड ने राहत की घोषणा की है। जल बोर्ड ने पानी के बकाया बिलों पर लगने वाले लेट पेमेंट सरचार्ज को माफ करने का फैसला लिया है। साथ ही, अवैध कनेक्शनों को बेहद कम शुल्क पर वैध करने के लिए विशेष योजना भी शुरू की है। इस फैसले से लोगों को राहत मिलेगी और बोर्ड की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी। शुक्रवार को जलमंत्री प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में इन फैसलों पर मुहर लगाई गई।
जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में जल बोर्ड पर 87,589 करोड़ रुपये का बकाया है जिसमें से 80,463 करोड़ (करीब 91%) सिर्फ लेट पेमेंट सरचार्ज की राशि है। यह सरचार्ज पहले लागू 5 प्रतिशत प्रति माह की चक्रवृद्धि ब्याज दर के कारण बढ़ गया है। जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि पहले के नियमों के तहत अगर कोई उपभोक्ता 100 रुपये का बिल समय पर नहीं भरता था तो वह ब्याज के कारण बढ़कर 178 रुपये हो जाता था।
अब इस ब्याज दर को घटाकर 2 प्रतिशत प्रति माह कर दिया है। इससे अब वही बिल केवल 130 रुपये तक ही बढ़ेगा। नई योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी मिलेगी लेकिन मूल बिल की राशि जमा करनी होगी। जल मंत्री ने कहा कि यह योजना पहली और आखिरी है। उपभोक्ता 31 मार्च 2026 तक इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद कोई दूसरी योजना नहीं आएगी।
घरेलू कनेक्शन का शुल्क घटाया
जल बोर्ड ने अवैध कनेक्शनों को वैध बनाने की फीस में भारी कटौती की है ताकि अधिक से अधिक लोग मुख्यधारा में आ सकें और यमुना के प्रदूषण को रोकने में मदद मिल सके। घरेलू कनेक्शन का शुल्क 26,000 से घटाकर मात्र एक हजार रुपये कर दिया गया है जबकि गैर-घरेलू कनेक्शन का शुल्क 61,000 से घटाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया है।
कॉलोनियों में लगेंगे विशेष कैंप
नई योजना को लेकर बोर्ड कॉलोनियों में विशेष कैंप लगाएगा। इसमें उपभोक्ताओं को बकाया की जानकारी और माफी की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
संपत्ति के पंजीकरण के लिए नियम
अब किसी भी संपत्ति का पंजीकरण कराते समय पानी के बिलों का बकाया न होना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे भविष्य में बकाया जमा होने की समस्या पर अंकुश लगेगा।
जलबोर्ड के पास एक लाख आवेदन लंबित
जलबोर्ड के पास एक लाख नए कनेक्शनों के आवेदन लंबित हैं जिससे करीब 51 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसे दूर करने के लिए एक हजार से अधिक लाइसेंसधारी प्लंबर उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोर्ड के पानी की सफाई और सप्लाई पर 101 रुपये प्रति लीटर खर्च आता है। नई योजना राजस्व संग्रह बढ़ाने और सरचार्ज पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम है।
- प्रवेश वर्मा, जल मंत्री