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Delhi : भारतीय मुद्रा को क्रिप्टो में बदलकर भेजा जा रहा है चीन, नोएडा- गाजियाबाद बड़े ठिकाने

Mon, 17 Jun 2024 06:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

एमबीबीएस व एमबीए डिग्री होल्डर इस फर्जीवाड़े में लगे हुए थे।
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Crypto Currency - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा और गाजियाबाद में भारतीय करंसी को क्रिप्टो में बदलकर चीन समेत दूसरे देश में भेजा रहा है। एमबीबीएस व एमबीए डिग्री होल्डर इस फर्जीवाड़े में लगे हुए थे। 

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गिरोह के लोग महज दो माह में पांच करोड़ रुपये चीन व अन्य देश में भेज चुके हैं। ये चीन में बैठे गिरोह के मास्टरसाइड के इशारे पर काम करते थे। गिरोह के लोग अब तक पूरे देश में 1000 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। 

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि जिले के साइबर थाना प्रभारी विकास बुडलक व एसआई अमित की टीम ने कुछ दिन पहले चौथी मंजिल, गली नंबर -10, रामपाल चौक, पालम एक्सटेंशन, द्वारका सेक्टर -7, नई दिल्ली निवासी  रोहित छिकारा, पठानकोट, पंजाब निवासी वरुण कुमार, सेक्टर-13, रोहिणी निवासी मनीष मान और  इंप्रेशन 58, राज नगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद, यूपी निवासी उदय मित्तल को गिरफ्तार किया था।  पुलिस ने गिरोह के एक अन्य बदमाश व कजाकिस्तान से एमबीबीए कर रहा बिहार निवासी एजाज अहमद को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। 
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नोएडा में क्रिप्टो करंसी में बदलवाते थे
आरोपी वरुण और रोहित ने खुलासा किया कि वह आरोपी मनीष मान के साथ कमीशन के आधार पर काम कर रहे थे। मनीष का संबंध कजाकिस्तान में रह रहे एजाज अहमद से था। आरोपी मनीष गाजियाबाद व नोएडा में रहने वाले उदय मित्तल को नकद देता था और उसे यूएसटीडी (क्रिप्टो करेंसी का एक रूप) में बदलवा लेते थे। यूएसटीडी डॉलर के हिसाब से चलता है ।

कजाकिस्तान में एजाज को भेजते थे
आरोपी क्रिप्टो करेंसी को कजाकिस्तान में रह रहे गिरोह के सदस्य एजाज अहमद को भेजते थे। ये किप्टो करेंसी को गिरोह के मास्टरमाइंड चीनी व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर देता था। बदले में ये चीनी नागरिक से 10 प्रतिशत कमीशन नगद में लेता था। एसआई अमित की टीम ने एजाज अहमद को हाल ही में एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसकी एलओसी खुलवा रखी थी। 

देश भर में लोगों को ऐसे अपना  शिकार बनाते थे
मास्टरमाइंड चीन में बैठकर ही टेलीग्राम ग्रुप बनाता था। इसमें ये सभी लोगों को जोड़ लेते थे। ये लोगोंं को शेयर बाजार में निवेश कराने की बात कहकर दोगुना देने का झांसा देते थे। इस ग्रुप में इनके कुछ आदमी होते थे। जब लोग निवेश कर पैसे निकालने की बात करते थे तो आरोपी कहते थे कि अभी और निवासी करो नहीं तो टैक्स लगेगा और कई खर्चे होंगे। जब पीडि़त मोटी रकम निवेश कर देते थे तब ये गायब हो जाते थे। 

सभी आरोपी पढ़े लिखे
मनीष मान ने बीएससी और एमबीए किया हुआ है। वरुण ने रूसी व यूक्रेनी भाषा में डिप्लोमा किया है। रोहित छिकारा के पास पत्रकारिता व एमबीए की डिग्री है, जबकि एजाज अहमद कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर रहा है।

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