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दिल्ली में बर्न विभाग तैयार: दिवाली को लेकर अस्पताल अलर्ट, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द; बनाए गए स्पेशल काउंटर

Sun, 12 Nov 2023 01:26 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

राजधानी दिल्ली में दिवाली को लेकर अस्पताल अलर्ट पर हैं। वहीं डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बिस्तर आरक्षित किए गए हैं और साथ ही स्पेशल काउंटर बनाए गए हैं।
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डॉक्टर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली के दौरान होने वाली आगजनी की घटनाओं में घायलों को तुरंत इलाज देने के लिए अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पताल के बर्न विभाग व इमरजेंसी के सभी डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। सभी अस्पतालों में इन मरीजों के लिए बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। स्पेशल काउंटर भी बनाए गए हैं।

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मिली जानकारी के मुताबिक, एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोकनायक, जीटीबी, डीडीयू, बाबा साहेब अंबेडकर, संजय गांधी, इंदिरा गांधी, बुराड़ी अस्पताल सहित दिल्ली के अन्य बड़े अस्पतालों में भी बर्न वार्ड को अलर्ट पर रखा गया है। इन विभाग व वार्ड में ऐसे मरीजों के लिए अलग से बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। साथ ही स्टाफ को ऑन ड्यूटी पर रहने का आदेश दिया गया है।

एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी ब्लाक में नियमित मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा। यहां पर केवल गंभीर मरीज की भर्ती की जा रही है। दिवाली को लेकर यहां अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। स्टाफ की छ्ट्टी रद्द कर दी गई है।
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वहीं सफदरजंग अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. शलभ ने बताया कि ब्लॉक में ऐसे मरीजों के लिए अलग से 20 बेड की व्यवस्था की गई है। ऐसा देखा गया है कि पटाखों से हाथ जलने की घटनाएं सबसे ज्यादा आती है। इसके अलावा चेहरा झुलसना व अन्य दिक्कत भी आते हैं। इनके प्राथमिक उपचार के लिए चार काउंटर खोले गए हैं। कम जले मरीजों को इलाज के बाद जल्दी छुट्टी दे दी जाएगी।

पिछले साल आए थे सैकड़ों मामले
हर साल दिवाली में लोग घायल होकर आते हैं। सफदरजंग में पिछले 97 मरीज झुलसकर आए थे। इसमें 61 पटाखों से और 37 मरीज दीयें से झुलसे थे। वहीं एम्स में 65 मरीज इलाज करवाने आए थे। इसमें से नौ लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। जिसमें से सात लोगों की मौत हो गई थी।
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साथ में रखे सुरक्षा उपकरण
दिवाली के दौरान घर में दिए जलाने के दौरान विशेष तौर पर सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान छोटी सी गलती से बड़ी दुर्घटना हो जाती है। दिल्ली के अस्पतालों में अक्सर दिये से जलने वाले काफी मरीज आते हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि दिये जलाते समय खास सावधानी रखें।

क्या करें
- ज्यादा ढीले-ढाले या लंबे कपड़े न पहने।
- दिये को परदे व अन्य आग पकड़ने वाली जगहों से दूर रखे।
- दिया जलाते समय विशेष ध्यान रखे।
- दिये को खुले जगहों पर रखे।
- खिड़कियों पर जाली लगाए ताकि बाहर से पटखा या अन्य अंदर न आए।
- आपात स्थिति से निपटने के लिए बाल्टी में पानी भर कर रखें।
- पटाखे से दूर रखें, यदि उसका बारुद हाथ पर गिर जाए तो तुरंत हाथ धोए।
-जले हुए हिस्से को ठंडे पानी में रखे या गीले कपड़े से उसकी सफाई करें।
- व्यक्ति को तुरंत कंबल से ढक दें।
-चेहरे या छाती में जलन होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
- जले हुए क्षेत्र में चिपके हुए कपड़े को न निकालें।
-प्रभावित क्षेत्र पर मक्खन का मरहम, तेल न लगाएं।
-बर्फ न लगाएं क्योंकि इससे घाव भरने का समय कम हो सकता है।
-लंबे ढीले कपड़ों से बचें, क्योंकि वे आग पकड़ सकते हैं।

इन अंगों का खास ध्यान
- आंखों में कुछ चला जाए तो उसे तुरंत ठंडे पानी से धोए और डॉक्टर को दिखाए

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