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Delhi : गृहमंत्री ने पूछा दिल्ली में क्यों लगता है जाम, पुलिस ने बताया- ठीक नहीं है सड़कों की सोशल इंजीनियरिंग

Thu, 06 Mar 2025 03:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

राजधानी में जगह-जगह लगने वाले जाम का मुद्दा दिल्लीवासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कई जगहों पर जबरदस्त जाम लगता है। इसमें नई दिल्ली जैसा वीआईपी एरिया भी शामिल है।
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demo - फोटो : PTI
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राजधानी में जगह-जगह लगने वाले जाम का मुद्दा दिल्लीवासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कई जगहों पर जबरदस्त जाम लगता है। इसमें नई दिल्ली जैसा वीआईपी एरिया भी शामिल है। इस मामले में उन्होंने दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है।

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इसका जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने सड़कों की सोशल इंजीनियरिंग को खराब बताते हुए 90 दिन की कार्ययोजना बनाकर समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व दिल्ली पुलिस आयुक्त समेत सभी निकाय प्रमुखों की गृहमंत्रालय में बैठक बुलाई थी।

इसमें अमित शाह ने ट्रैफिक जाम की समस्या को बड़ी बताते हुए कहा था कि दिल्ली में कई जगहों पर जबरदस्त जाम लगता है। इससे निपटने के लिए क्या इंतजाम हैं। दिल्ली पुलिस इस मामले में क्या कर रही है। समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए। मामले में सफाई पेश करते हुए पुलिस ने सड़कों की सोशल इंजीनियरिंग को समस्या के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि समस्या से निपटने के लिए हमने 90 दिन में जाम को हटाने की कार्ययोजना तैयार की है।
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जाम की समस्या के लिए जिम्मेदार घटक

  • दोषपूर्ण सड़क डिजाइन, बस स्टैंड, आवारा पशु, सेंट्रल वर्ज का न होना।
  • गड्ढोंं और अवरोधों आदि के कारण असुरक्षित सड़कें।
  • पैदल यात्रियों के लिए रोड क्रॉसिंग सुविधाओं का अभाव।
  • पर्याप्त साइनेज का अभाव।


25 बिंदुओं में जोर दिया गया है कार्ययोजना में

  • बस शेल्टर व स्टैंडों की जगह बदलना।
  • सड़क की मरम्मत व कारपेटिंग।
  • रोड मार्किंग, साइनेज व जेब्रा क्रॉसिंग।
  • जल निकासी, गड्ढे और पानी का रिसाव की मरम्मत।
  • बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर आदि की शिफ्टिंग।
  • कूड़ाघरों को हटाना।
  • आवारा पशुओं को हटाना।
  • सड़कों पर कट को खोलना व बंद करना।
  • साप्ताहिक बाजारों का प्रबंधन व स्थानांतरण।
  • एमसीडी द्वारा वेंडिंग जोन निर्धारित करना।
  • अधिकृत पार्किंग का प्रबंधन और पार्किंग की जगह बदलना।
  • अंडरपास-फुट ओवर ब्रिज का उचित इस्तेमाल।
  • सेंट्रल वर्ज पर ग्रिल लगवाने की व्यवस्था करना।
  • सड़कों व सेंट्रल वर्ज पर धार्मिक ढ़ांचों को हटाना या उनकी जगह बदलना।
  • भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में टैक्स वसूलने के लिए नीति बनाना।


बस अड्डों की वजह से लगता है जाम-
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार ने बताया है कि जिन 114 मार्गों व जाम लगने वाली जगहों का निरीक्षण किया है तो ज्यादातर जगहों पर बस स्टेंड या तो लाइट सिग्नल, फुटओवर ब्रिज आदि जगहों के पास हैं। इस कारण कारण जाम लगता है। ज्यादातर जगहों पर सड़कों की हालत ठीक नहीं है। कई जगहों पर सड़कों पर बिजली के पोल समेत अन्य पोल लगे हुए हैं।

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