दिल्ली के निजी और सरकारी अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज होगा, इस फैसले के बाद इसके खिलाफ कई याचिकाएं डाली डाली गई थीं। हालांकि आज इन सबको दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
अदालत का कहना है कि अब जब दिल्ली के उपराज्यपाल ने राज्य सरकार के फैसले को ही पलट दिया है तो इन याचिकाओं का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है।