अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बारामूला से सांसद शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद की याचिका खारिज कर दी। जिसमें उसने 2017 के आतंकवाद फंडिंग मामले में आरोप तय करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और मधु जैन की पीठ ने कहा कि आरोप तय करने का आदेश अंतिम नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ अपील बनाए रखने योग्य नहीं। एनआईए ने बताया कि अपील 1100 दिनों की देरी से दायर हुई थी, लेकिन अदालत ने मेरिट पर ही इसे खारिज किया। राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में है। एनआईए ने उन्हें यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को फंडिंग की। मार्च 2022 में विशेष अदालत ने उन पर राजद्रोह, आपराधिक साजिश और आतंकवादी कृत्यों के आरोप तय किए थे। 2024 लोकसभा चुनाव में राशिद ने उमर अब्दुल्ला को हराकर बारामूला से जीता था। वर्तमान बजट सत्र में हिरासत पैरोल पर संसद जाने की अनुमति मिली है।