राजनीतिक दल का नाम व कोई मुद्दा न होने पर शिकायत नहीं बनती
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि सत्तारूढ़ सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को उजागर करने के लिए रक्षा अधिकारियों और सिविल सेवकों के इस्तेमाल से किसी को कोई शिकायत नहीं हो सकती, यदि कोई राजनीतिक प्रतीक चिन्ह न हो या किसी राजनीतिक दल का नाम इस्तेमाल न किया गया हो। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने रक्षा अधिकारियों और सिविल सेवकों का उपयोग करके पिछले 9 वर्षों में शुरू की गई सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने याची के वकील से कहा कि मुद्दा यह है कि किसी भी राजनीतिक प्रतीक चिन्ह का उपयोग नहीं किया जाता है, किसी भी राजनीतिक नेता या किसी राजनीतिक दल के नाम का उपयोग नहीं किया जाता है। सरकार सत्ता में किसी व्यक्ति द्वारा चलाई जाती है। यह वास्तविकता का एक कठिन तथ्य है और व्यक्ति (प्रधानमंत्री) को जनता द्वारा चुना जाता है।
अदालत ने गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को बरी किया
अदालत ने पश्चिमी पंजाबी बाग में शराब कारोबारी और फरीदकोट के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के आवास पर गोलीबारी की घटना के मामले में गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ दीपक बॉक्सर को रिहा करने का आदेश दिया है। यह घटना 3 दिसंबर, 2022 को हुई थी। तीस हजारी अदालत में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमन गुप्ता ने आदेश में कहा कि चूंकि जांच अधिकारी द्वारा यह प्रस्तुत किया गया है कि आरोपी से कोई वसूली नहीं हुई है और केवल एक अन्य आरोपी के बयान के आधार पर यह मामला दर्ज किया था, इसका कानून की नजर में कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है। ऐसे में आरोपी के खिलाफ किसी भी सबूत के अभाव में उसे वर्तमान मामले से रिहा किया जाता है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि गोलीबारी के पीछे का मकसद मल्होत्रा द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह द्वारा मांगी गई रंगदारी देने से इनकार करना था।