हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासन को फटकार लगाते हुए छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विकास यादव का नामांकन रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा जेएनयू द्वारा विकास का नामांकन रद्द करने संबंधी सात सितंबर का आदेश किसी तरह भी कायम नहीं रह सकता। याची की उम्मीदवारी रद्द करने की सूचना देना भी जेएनयू ने जरूरी नहीं समझा।
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने विकास यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसका नामांकन रद्द करने वाले आदेश पर रोक लगाते हुए सुनवाई की आगामी तारीख 27 नवंबर तय की है। जेएनयू छात्र संघ का चुनाव 14 सितंबर को होना है। कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन को फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या आपको विकास यादव को यह नहीं बताना चाहिए था कि उसने किस तरह लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन किया है।
आपने उसे कारण बताओ नोटिस के साथ शिकायत की कापी नहीं भेजी तो वह जवाब कैसे देता। कोर्ट ने इस याचिका पर जेएनयू, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ (जीआरसी) के सचिव व चीफ प्रोक्टर को नोटिस जारी कर अगली तारीख तक जवाब मांगा है।