फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi News: दिल्ली में 1 से 15 जनवरी तक बंद रहेंगे सरकारी स्कूल, प्रदेश सरकार ने की शीतकालीन अवकाश की घोषणा

Thu, 22 Dec 2022 06:09 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शिक्षा निदेशालय के आदेश के तहत सभी सरकारी स्कूल 1 जनवरी से 15 जनवरी 2023 तक शीतकालीन अवकाश के दौरान बंद रहेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए दो जनवरी से 14 जनवरी 2023 तक उपचारात्मक कक्षाएं चलेंगी।
विज्ञापन
दिल्ली में स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेंगे। पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। जबकि दो जनवरी से 14 जनवरी तक नौंवीं से 12वीं तक छात्र परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। इस दौरान छात्रों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं लगेंगी। इनमें पाठ्यक्रम का अभ्यास कराकर उनके सीखने के स्तर में सुधार किया जाएगा। इन कक्षाओं में छात्रों के उन विषयों पर भी जोर दिया जाएगा, जिनमें बच्चे बेहद कमजोर हैं।

विज्ञापन


सुबह की पाली के स्कूलों में यह कक्षाएं सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक लगेंगी, जबकि शाम की पाली वाले स्कूलों में दोपहर 1:30 बजे से शाम 5:50 तक कक्षाएं लगेंगी। नौवीं व 10वीं की कक्षाओं के लिए अंग्रेजी, विज्ञान, गणित विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, स्कूलों को इन कक्षाओं को प्रतिदिन एक घंटे लगाना होगा। इन कक्षाओं के विषय में अभिभावकों के संज्ञान में भी लाना होगा, जिससे कि सभी बच्चे कक्षाओं में उपस्थित हों। स्कूल प्रमुखों को सुनिश्चित करना होगा कि सभी छात्र इन कक्षाओं में उपस्थित रहें।

शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि शिक्षक 10वीं व 12वीं प्री-बोर्ड के क्वैश्चन पेपर का अभ्यास कराएं। शिक्षक छात्रों को गाइड करें कि उन्हें सही तरीके से प्रश्नों को कैसे हल करना है। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की ताकत व कमजोरी की पहचान कर उन पर ध्यान देना होगा। बच्चों को इन कक्षाओं में स्कूल की वर्दी में ही आना है। इन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य है। निदेशालय के अनुसार जिला उपशिक्षा निदेशक प्रतिदिन दो स्कूलों में जाकर देखेंगे कि यह उपचारात्मक कक्षाएं सही तरीके से चलें। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की ताकत व कमजोरी की पहचान कर उन पर ध्यान देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें