दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज का सीएम बघेल और राहुल गांधी पर निशाना साधा
आप नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में शराब का कारोबार प्राइवेट नहीं, बल्कि सरकारी रूप से चलता है। यहां 800 सरकारी दुकानें और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) है। इस सरकारी कॉर्पोरेशन के ऊपर गंभीर आरोप लगे है। शराब घोटाले को अंजाम देने के लिए आबकारी विभाग में ऐसे अधिकारियों को लगाया गया। जिन्हें डराकर काम करवाना आसान हो। इस बात को स्पष्ट रूप से अधिकारियों के नामों के साथ मीडिया रिपोर्ट्स में भी लिखा गया है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले पर सीएम बघेल से पूछे सवाल
उन्होंने बताया कि इस शराब घोटाले में रायपुर के मेहर का भाई शामिल है। लिहाजा सवाल यह उठता है कि क्या मेयर का भाई किसी आबकारी आयुक्त को बदलवा सकता है? क्योंकि एक पूर्ण राज्य में आबकारी आयुक्त को बदलने की शक्ति सिर्फ मुख्यमंत्री के पास होती है। एक पूर्ण राज्य में बड़े पदों पर नियुक्ति मुख्यमंत्री ही तय करते हैं। छत्तीसगढ़ के मामले में एक ऐसे अधिकारी को आबकारी आयुक्त बनाया गया जो आसानी से बात सुन सकें और फिर उनकी देख-रेख के अंदर एक ऐसा सिंडिकेट चलाया गया। जिसके अंदर प्राइवेट शराब की भट्टी (डिस्टिलरी), एफएल-10 लाइसेंट होल्डर, राज्य स्तर और जिले स्तर के आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बोतल और होलोग्राम बनाने वाले लोग शामिल थे।