दिल्ली के कंझावला कांड में पुलिस शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है। पहले दिन से ही पुलिस पर इस मामले में लापरवाही और दोषियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं। अब मंगलवार को जिस तरह से दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी सागर प्रीत हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बिना पत्रकारों के सवाल लिए मात्र 90 सेकंड में वापस चले गए, उससे पुलिस पर तथ्य छिपाने का भी आरोप लग रहा है।
गौरतलब है कि आज सागर प्रीत हुड्डा ने मात्र 90 सेकंड की प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने के एक महत्वपूर्ण खुलासे के बारे में जानकारी दी और पत्रकारों के सवालों को अनसुना कर वहां से निकल लिए। उन्होंने कहा, सुल्तानपुरी की घटना में एक नया तथ्य सामने आया है कि घटना के वक्त स्कूटी पर दो लड़कियां मौजूद थीं। दूसरी लड़की को कोई चोट नहीं आई थी और वह अपने घर चली गई।
हुड्डा ने कहा अब हमारे पास चश्मदीद गवाह मौजूद है जो पुलिस का सहयोग कर रही है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज किया जा रहा है। अभी हमारी जांच जारी है। सभी पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है। स्पेशल सीपी की बात पूरी होने पर जब पत्रकारों ने उनसे प्रश्न करने शुरू किए तो वह उठकर चले गए। इसी से यह कयास लग रहे हैं कि पुलिस इस मामले में कुछ अहम तथ्य छिपाने की कोशिश कर रही है।
गृह सचिव से मिले सीपी
आज दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृहमंत्रालय जाकर गृह सचिव से मुलाकात की। आधे घंटे की मुलाकात के बाद दिल्ली सीपी संजय अरोड़ा ने कहा, गृह सचिव से इस मामले में मुलाकात हुई। शालिनी सिंह मामले की जांच कर रही हैं।