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Yamuna Aarti: गंगा आरती की तरह यमुना आरती के लिए दिल्ली में घाट तैयार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया उद्घाटन

Wed, 13 Mar 2024 01:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

यमुना नदी के किनारे बनाए गए वासुदेव घाट का मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उद्घाटन किया। इस परियोजना को यमुना नदी के बाढ़ के मैदानों को बहाल करने और पुनर्जीवित करने के लिए एक और मील का पत्थर माना जा रहा है।
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वासुदेव घाट पर एलजी वीके सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में गंगा आरती की तरह राजधानी में यमुना आरती करने के लिए घाट तैयार हो गया है। यमुना नदी के किनारे बनाए गए वासुदेव घाट का मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उद्घाटन किया। इस परियोजना को यमुना नदी के बाढ़ के मैदानों को बहाल करने और पुनर्जीवित करने के लिए एक और मील का पत्थर माना जा रहा है।

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इस अवसर पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि इस घाट के अलावा यमुना बाढ़ के मैदानों और अन्य घाटों का जीर्णोद्धार करके उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की परियोजनाओं से न केवल यमुना के किनारे अपना पुराना स्वरूप वापस पा लेंगे, बल्कि यहां आकर लोगों को सुखद अनुभूति भी होगी। 

दरअसल यह दिल्ली की सबसे बड़ी विरासत है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम यमुना के प्रति अपनी आत्मीयता बढ़ाए और यमुना के संरक्षण के लिए जिम्मेदार और जवाबदेह बनें। यह घाट 16 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह पायलट प्रोजेक्ट पश्चिमी तट पर वजीराबाद से पुराने रेलवे ब्रिज तक 66 हेक्टेयर घाटों के कायाकल्प के लिए डीडीए की पहल का हिस्सा है।
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यहां साइकिलिंग ट्रैक और पैदल चलने के क्षेत्र के प्रावधान के साथ हरे लॉन विकसित करने के अलावा जगह को दिलचस्प कलाकृति के साथ एक ऐतिहासिक रूप दिया गया है। जगह का भू-दृश्यांकन चारबाग शैली में किया गया है, जिसमें निकटवर्ती कुदसिया बाग के ऐतिहासिक उद्यान की शब्दावली से ली गई बारादरी और छतरियां शामिल हैं। 

राजस्थान के प्रसिद्ध कारीगरों से प्राप्त 250 किलोग्राम की धातु की घंटी प्रवेश द्वार के पास स्थापित की गई है। गुलाबी कोटा पत्थर से बनी विशाल हाथी संरचनाएं एक और आकर्षण हैं। इसके अलावा, वासुदेव घाट पर एक प्रचुर प्राकृतिक स्थान विकसित करने के लिए बाढ़ क्षेत्र के किनारे लगभग 1,700 अतिरिक्त देशी और प्राकृतिक प्रजातियां लगाई गई हैं।

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