मध्य जिला की साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी में शामिल चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों की पहचान गांव सुनपेड़ा, बुलंदशहर निवासी देव भाटी (36) गांव खबरा, बुलंदशहर निवासी रॉबिन सोलंकी (25) व विष्णु सोलंकी (20) और गोटेगांव, मध्यप्रदेश निवासी आकाश कुमार जैन (31) के रूप में हुई है।
जबलपुर यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर चुका गिरोह सरगना आकाश लोगों को जाल में फंसाकर करंट अकाउंट खुलवाता था। इसके बाद ठगी की रकम इनमें भेजी जाती थी। ठगी की रकम को 50-50 बैंक खातों में घुमाकर यूएस डॉलर, क्रिप्टो करेंसी या हवाला के जरिये चीन समेत दूसरे देशों में भेज दिया जाता था। बदले में बैंक खाताधारकों व आकाश को मोटा कमीशन मिलता था। एक-एक बैंक खाते में एक दिन में करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस को ऐसे 150 खातों की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि 18 जुलाई को साइबर थाना पुलिस को कारोबारी कमल हांडा ने 31.55 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दी थी। 13 जुलाई को उनके व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उसके नाम से कई सिमकार्ड इश्यू हुए हैं। उसके खिलाफ आराम बाग, लखनऊ में 17 एफआईआर दर्ज की गई हैं। नंबर का गलत इस्तेमाल कर हवाला के अलावा मानव तस्करी की गई है। इसके बाद कमल को बुरी तरह डराकर आरोपियों ने नौ अलग-अलग खातों में 31.55 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर खेमेंद्र पाल सिंह, एसआई अली अकरम, धीरेंद्र और हवलदार सतीश व खेम सिंह और अन्यों की टीम ने मामले की पड़ताल की। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उनकी जांच की गई तो पता चला कि इनमें करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। एक खाता नोएडा में फर्जी कंपनी बनाकर निजी बैंक में खोला गया था। खाता देव भाटी के नाम पर था। पुलिस जांच के बाद देव तक पहुंच गई।
26 जुलाई को उसे बुलंदशहर से दबोच लिया गया। देव ने बताया कि उसके रिश्तेदार रॉबिन सोलंकी के कहने पर उसने खाता खोला। 28 जुलाई को देव की निशानदेही पर रॉबिन और विष्णु सोलंकी को दिल्ली से दबोच लिया गया। इन लोगों ने बताया कि बैंक खाते किसी दीपक शर्मा के कहने पर खुलवाए गए। अकेले देव के खाते में दो दिनों में सवा करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इन सबसे पूछताछ के बाद 31 जुलाई को पुलिस ने सरगना आकाश कुमार जैन को महिपालपुर से दबोच लिया।
टेलीग्राम एप से जुड़ा था आकाश
आकाश ने बताया कि वह टेलीग्राम एप के जरिये चीन के नागरिकों से जुड़ा था। उनके कहने पर वह खातों का इंतजाम करवाता था। इसके बाद ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था। बदले में आकाश को मोटा कमीशन मिलता था।