दिल्ली फायर सर्विस मुसीबत में फंसे लोगों का जीवन बचाने के अलावा पशु-पक्षियों का जीवन भी बचा रहा है। दक्षिण दिल्ली के कटवारिया सराय में शनिवार को कुछ ऐसा ही हुआ। पानी की तलाश में एक बिल्डिंग की छत पर पहुंचा मोर पानी की टंकी में फंस गया। दरअसल टंकी में पानी कम था।
पानी पीने के चक्कर में मोर टंकी के भीतर फंस गया। पंख बड़े होने की वजह से वह निकल नहीं पा रहा था। बिल्डिंग में रहने वाले एक युवक व उसकी पत्नी ने मोर को फंसा देखकर 112 पर कॉल कर दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन मोर को बाहर निकालने में सफल नहीं हुई।
आखिर बाद में दमकल विभाग को खबर दी गई। सूचना मिलते ही भीकाजी कामा प्लेस फायर स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में पानी की टंकी से मोर को सुरक्षित निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि मोर को चोट नहीं लगी। बाद में उसे आजाद कर दिया। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 1.20 बजे उनकी टीम को डीडीए फ्लैट कटवारिया सराय से मोर के पानी की टंकी में फंसे होने की खबर मिली थी।
टीम वहां पहुंची तो कॉलर अभिषेक मिला। उसने बताया कि उसकी पत्नी छत पर कपड़े सुखाने गई तो उसने पानी की टंकी में फड़फड़ाहट की आवाज सुनी। देखा तो पानी की टंकी में मोर था। बाद में बाकी लोगों को भी छत पर बुलाया गया, लेकिन कोई भी मोर को निकालने का साहस नहीं जुटा पाया। पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में भीकाजी कामा प्लेस से आए सब ऑफिसर नरेंद्र कुमार व उनकी टीम ने मोर को पानी की टंकी से निकाला। मोर बुरी तरह डरा हुआ था, लेकिन वह सुरक्षित था।
पक्षियों को बचाने की हर रोज आती हैं औसतन छह कॉल
दिल्ली फायर सर्विस के पास पक्षियों को रेस्क्यू करने की औसतन हर दिन छह कॉल आ रही हैं। लोगों की जान बचाने के साथ-साथ दमकल विभाग पशु और पक्षियों की जान भी बचाता है। पिछले साल वर्ष 2023 में पक्षियों को रेस्क्यू कराने का आंकड़ा औसतन हर दिन नौ का था।
इस साल शुरुआती छह माह में दमकल विभाग के पास पक्षियों को बचाने की 1061 कॉल आईंं। पिछले साल शुरुआती छह माह में यह आंकड़ा 1602 का था। वहीं पशुओं को बचाने की बात की जाए तो इस साल वर्ष 2024 में शुरुआती छह माह में 1602 पशुओं को बचाया गया। वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 1555 का था। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पतंग उड़ने की वजह से सबसे ज्यादा पक्षियों को रेस्क्यू कराने की कॉल अगस्त माह में आती हैं।