द्वारका जिला पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म इंस्टाग्राम के जरिये नकली नोट बेचने के धंधे का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 200 रुपये मूल्य के कुल 701 नोट और नोट बनाने में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार एक आरोपी पहले भी हिसार में नकली नोट बेचने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन गार्डन निवासी अनस, यूपी के इटावा के गांव खैरपुर निवासी अमन कुमार और शास्त्री पार्क निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले की नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली कि एक युवक नकली नोट बेचने के लिए द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास आएगा। निरीक्षक सुभाष चंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दी। पुलिस ने मुखबिर के इशारे पर अनस खान को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दो सौ रुपये मूल्य के कुल 301 नोट बरामद हुए।
पूछताछ में अनस ने बताया कि वह फेक करेंसी नाम से चल रही इंस्टाग्राम आईडी के जरिये आरोपियों के संपर्क में आया। व्हाट्सएप के जरिये उसकी विकास से बातचीत हुई, जिसने नकली नोट सप्लाई करने के लिए कहा। आरोपी ने अनस खान को नकली नोट मुहैया कराए। जांच में पता चला कि अनस कई बार नकली नोट की खेप लेकर सप्लाई कर चुका था। पुलिस टीम ने अनस को दो दिन की रिमांड पर लिया। पुलिस ने अनस के जरिये विकास से संपर्क कर उसे और नकली नोट सप्लाई करने के लिए कहा। विकास अपने दोस्त अमन के साथ पीरागढ़ी में अनस को नोट सप्लाई करने आया, जहां पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पुलिस ने 200 रुपये मूल्य के चार सौ नोट बरामद किए।
विकास और अमन की निशानदेही पर पुलिस ने स्वरूप नगर के इब्राहिम पुर स्थित एक मकान पर छापा मारकर रंगीन प्रिंटर, एक ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटर, एक लैपटॉप, लेमिनेशन मशीन, नकली भारतीय नोटों पर वाटर मार्क छापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रेम, स्याही, सुरक्षा धागा छापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कच्चा माल बरामद किया। इसके साथ ही पुलिस ने तीनों आरोपियों से तीन मोबाइल फोन बरामद किए।
पानीपत में नकली नोट बनाना सीखा
विकास ने पूछताछ में बताया कि उसने नर्सिंग का कोर्स किया हुआ है। अपने एक दोस्त के जरिये पानीपत में नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था। उसके बाद वह नकली नोटों की सप्लाई करने लगा। साल 2022 में हिसार पुलिस ने उसे नकली नोट बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। 11 माह जेल में रहने के बाद वह बाहर निकला। उसके बाद दोस्त अमन के साथ मिलकर नकली नोट बनाने का काम शुरू किया। इसके प्रचार प्रसार के लिए उसने इंस्टाग्राम पर फेक करेंसी नाम से आईडी बनाई। इस पर संपर्क करने वालों के जरिये नकली नोट सप्लाई करने लगा। उसने बताया कि आसानी से नकली नोट खपाने के लिए दो सौ का नोट तैयार करता था।