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Delhi Excise Policy: लाइसेंस रिन्यू नहीं कराने वालों की दुकानें सील, शराब की किल्लत बढ़ने से होगी परेशानी

Tue, 02 Aug 2022 07:07 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में 132 के करीब शराब बिक्रेताओं ने मंगलवार को अपने लाइसेंस का नवीकरण नहीं कराया है। इसे देखते हुए दिल्ली आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर इन दुकानों को सील करने का आदेश दे दिया है। लिहाजा दुकान बंद होने से शराब की किल्लत कई इलाकों में होनी तय है।
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दिल्ली में शराब की दुकान - फोटो : विवेक निगम- फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 की उलझनें कम नहीं हो रही हैं। इस नीति को सरकार ने बेशक एक महीने के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन अब शराब विक्रेता ही पीछे हट रहे है।

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दिल्ली में 132 के करीब शराब बिक्रेताओं ने मंगलवार को अपने लाइसेंस का नवीकरण (रिन्यू) नहीं कराया है। इसे देखते हुए दिल्ली आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर इन दुकानों को सील करने का आदेश दे दिया है। लिहाजा दुकान बंद होने से शराब की किल्लत कई इलाकों में होनी तय है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार का राजस्व भी इस स्थिति में कम होने की उम्मीद है।

दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में 849 शराब की दुकानें खुलनी थीं, लेकिन इनमें 468 दुकानें ही खुलीं। अब नई बात यह है कि इसमें भी शालीमार बाग, जीटीबी नगर, झिलमिल, शास्त्री पार्क, सबोली, मॉडल टाऊन, पहाड़गंज, रणजीत नगर, आनंद पर्बत, रोहिणी, चांदनी चौक, मलकागंज, सरीता विहार, नजफगढ़, पंजाबी बाग, कस्तूरबा नगर, चितरंजन, सुभाष नगर समेत कई इलाकों में चलने वालीं 132 से अधिक दुकानों के मालिकों ने 31 अगस्त तक के लिए अपने लाइसेंस का नवीकरण नहीं कराया है।

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उनकी दुकानों को भी अब सील कर दिया गया है। ना सिर्फ दुकानदार बल्कि 32 जोन के वेंडरों के भी लाइसेंस का नवीकरण नहीं हुआ है। इसमे कई वेंडर ऐसे भी हैं, जिनपर भ्रष्टाचार का आरोप भी है।

आधी-अधूरी शराब की दुकानें ही खुलीं

मौजूदा आबकारी नीति को वापस लेने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव से इस बाजार में अफरातफरी मची थी। निजी शराब बिक्रेताओं को यह लगने लगा है कि एक महीने तक लाइसेंस को बढ़ाने का कोई मायने नहीं है। उन्हें इस बात का भी डर सताने लगा है कि कही जांच की आंच उन तक नहीं पहुंच जाए। लिहाजा वह शराब की बिक्री करने से भी कतराने लगे हैं। इस वजह से दिल्ली में 300 से अधिक दुकानें ही खुली। इतना ही नहीं, शराब की दुकानों पर माल का भी टोटा रहा। लोगों को मनपसंद ब्रांड से समझौता करने की मजबूरी रही।

जब तक पुरानी नीति लागू नहीं होती, रहेगा शराब का टोटा

दिल्ली शराब की किल्लत फिलहाल कम होती दिखाई नहीं पड़ रही है। मौजूद आबकारी नीति को लेकर सीबीआई जांच की भी सिफारिश हुई है। ऐसे में निजी दुकानदार भी इससे दूरी बना रहे तो वेंडर भी शराब की सप्लाई करने से कतरा रहे है। राजनीतिक दबाव भी कम नहीं है। इस स्थिति में शराब के शौकीनों को आने वाले समय में किल्लत से दो-चार होना पड़ सकता है।
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जानकारों का कहना है कि 31 अगस्त के बाद भी स्थिति तुरंत सुधरने वाली नहीं है। क्योंकि पुरानी नीति लागू होने के बाद भी कुछ दिनों के लिए अफरा-तफरी की स्थिति रहेगी। इसके छह महीने बाद एक और नई आबकारी नीति बननी है। लिहाजा परेशानी बनी रहने की उम्मीद है। राजस्व में भी कमी आएगी।

कालाबाजारी भी बढ़ने की आशंका

दिल्ली में अगर शराब की किल्लत हुई तो कालाबाजारी भी बढ़ने के कयास लगाए जा रहे है। पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता बढ़ेगी। शराब का स्टॉक भी होना शुरू होगा। एक बोतल पर एक छूट मिलने पर भी पहरा लग सकता है और फिर एमआरपी पर शराब की बिक्री शुरू हो जाएगी। उधर, रेस्तरां, पब और क्लब में भी शराब की सप्लाई कम होने की उम्मीद है।
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