द्वारका के बाबा हरिदास नगर थाने में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के एक कर्मचारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि पीड़ित ने बुधवार रात दो लोगों पर लूटपाट और मारपीट करने की शिकायत की थी। पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय उन्हें पकड़ कर थाने ले गई और रात भर थाने में रखा।
वहीं, पुलिस अधिकारी का कहना है कि शिकायतकर्ता ने अत्यधिक शराब का सेवन कर रखा था। छोड़े जाने पर दोबारा मारपीट होने की आशंका को देखते हुए उन्हें थाने में रखा गया था। सुबह अचेत मिलने पर उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी का कहना है कि डॉक्टरों के पैनल से मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। उसके बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक की शिनाख्त राहुल यादव (35) के रूप में हुई है।
वह परिवार के साथ गोपाल नगर में रहते थे। परिवार में मां, पत्नी सोनी, एक भाई, बहन और पांच और डेढ़ साल के दो बेटे हैं। वह दिल्ली परिवहन निगम के सेक्टर 37 स्थित डिपो में इलेक्ट्रिक विभाग में कार्यरत थे। साथ ही वह ट्रैवल एजेंसी का काम भी करते थे। उनके दोस्त अजय मलिक ने बताया कि रात की ड्यूटी होने की वजह से राहुल अपनी कार से कार्यालय जा रहे थे।
उन्होंने पत्नी को कार्यालय पहुंचकर फोन करने की बात कही थी। नौ बजे तक फोन नहीं आने पर पत्नी ने राहुल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन बंद था। रात 11.30 बजे थाने से पुलिसकर्मियों ने फोन कर बताया गया कि राहुल थाने में हैं। सूचना पर दोस्त वहां पहुंचे। राहुल ने बताया कि उनके शरीर में काफी दर्द हो रहा है। घर से कुछ दूरी पर मित्रराऊं गांव के रहने वाले आजाद व उसके साथियों ने उनकी पिटाई की है। उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई और घटना की जानकारी पुलिस को दी।
उन्होंने आरोपियों पर लूटपाट का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस राहुल को थाने ले गई। पुलिस ने उनका मेडिकल करवाया। उसके बाद वापस उन्हें थाने लेकर आई। रात करीब एक बजे राहुल की मां अपने कार चालक के साथ थाने पहुंची और राहुल से मिलने की बात कही।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कुछ देर ही उन्हें राहुल से मिलने दिया। राहुल को छोड़ने की बात कहने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने अत्यधिक शराब का सेवन किया है इसलिए वह उन्हें सुबह छोड़ेंगे। उनकी पत्नी सोनी ने बताया कि सुबह 6.40 बजे पुलिसकर्मियों ने उनकी मां को फोन कर बताया कि राहुल की तबीयत बिगड़ गई है। पुलिस ने परिवार वालों को राव तुलाराम अस्पताल आने के लिए कहा। वहां पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया है। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से राहुल की मौत हुई है।
दोबारा मारपीट की आशंका को देखते हुए नहीं भेजा घर : पुलिस
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि राहुल ने बुधवार रात लूटपाट की कोशिश की शिकायत की थी। मौके पर पहुंची पुलिस को राहुल ने बताया कि गांव के ही आजाद व उसके साथियों ने उसके पास मौजूद 38 हजार रुपये लूटने का प्रयास किया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। जांच अधिकारी ने पाया कि राहुल शराब के नशे में धुत थे।
पुलिस ने उन्हें थाने ले जाने के बाद मेडिकल करवाया। इसमें अत्यधिक शराब पीने की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी आजाद की तलाश की, लेकिन वह अपने घर में नहीं मिला। जांच में पता चला कि मामला दो पक्षों के बीच झगड़े का है। शिकायतकर्ता के शराब के नशे में होने और उनके छोड़े जाने पर फिर से विवाद होने की आशंका थी। इसलिए जांच अधिकारी ने उन्हें अपने कमरे में रखा।
सुबह करीब 5:30 बजे जांच अधिकारी ने राहुल को जगाने की कोशिश की, लेकिन उनके शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।